भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल (70) की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस हत्याकांड के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा से धर दबोचा है। गिरफ्तारी से पहले मुगलिया छाप के नजदीक पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वरुण ने पुलिस की गिरफ्त से भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई के(Retired IAS Murder Case) दौरान पैर में गोली लग गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। घायल अवस्था में गिरफ्तार आरोपी को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Retired IAS Murder Case – दिवंगत रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का शव गत 30 सितंबर को भोपाल के पॉश इलाके सूरज नगर स्थित उनके निजी बंगले से बरामद हुआ था। शुरुआती पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि उनकी गर्दन के दोनों तरफ गहरे घाव थे। उनके घर की अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला था, हालांकि राहत की बात यह थी कि घर से नकदी और सोने-चांदी के जेवर चोरी नहीं हुए थे, केवल मृतक का मोबाइल फोन गायब था। पुलिस को शुरू से ही यह अंदेशा था कि इस जघन्य हत्याकांड को उनके घर पर काम करने वाले केयरटेकर वरुण ने ही अंजाम दिया है, जिसे घटना से महज कुछ दिन पहले यानी 26 सितंबर को ही देखभाल के लिए रखा गया था।
आगरा में पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वरुण अपना बैग और कपड़े घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने परिस्थितियों और साक्ष्यों का आकलन कर शुरुआत से ही केयरटेकर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। पिछले करीब 20 दिनों से लगातार फरार चल रहे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमों ने कई राज्यों में दबिश दी। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मोबाइल सर्विलांस व अन्य तकनीकी माध्यमों से उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया गया। आखिरकार, लंबी मशक्कत के बाद पुलिस ने आगरा में उसे घेरकर धर दबोचा।


