रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनजातीय समाज के उत्थान और बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे शासनकाल के दौरान जनजातीय समुदाय का इस्तेमाल सिर्फ अपने वोट बैंक के रूप में किया। वहीं, वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार आदिवासियों के सच्चे विकास और बस्तर क्षेत्र में स्थाई शांति स्थापना के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। सीएम साय ने कांग्रेस से उसके दशकों पुराने शासन का हिसाब भी मांगा है।
डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बस्तर में घट रहा नक्सलवाद
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार की नीतियों और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही बस्तर में नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिल रही है। सुरक्षा बलों के पराक्रम और विकासोन्मुखी नीतियों के मेल से इस अंचल की तस्वीर तेजी से बदल रही है, जिससे नक्सली गतिविधियां लगातार सिमटती जा रही हैं।
जनजातीय विकास के लिए केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक विशेष योजनाएं
सीएम साय ने जानकारी देते हुए बताया कि जनजातीय वर्ग के चहुंमुखी विकास के लिए केंद्र सरकार ने अलग से ‘जनजातीय कार्य मंत्रालय’ का गठन किया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य में भी विभिन्न प्राधिकरणों के माध्यम से आदिवासी अंचलों के विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश और प्रदेश में 55 से 60 वर्षों तक शासन किया, ऐसे में उनके नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतने लंबे कार्यकाल में उन्होंने जनजातीय समाज के कल्याण के लिए आखिर क्या ठोस कदम उठाए।
बयान के बाद गरमाई राज्य की सियासत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस तीखे बयान के बाद राज्य में राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया है। बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे, जनजातीय विकास के दावों और कांग्रेस के लंबे शासनकाल को लेकर सियासी घमासान तेज होने के पूरे आसार हैं। जहां बीजेपी इसे अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, वहीं इस बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आने के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव और अधिक गहरा सकता है।


