शारदीय नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर की धार्मिक पहचान और आस्था के प्रतीक मां विंध्यवासिनी मंदिर में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना हुआ है। शहर की आराध्य देवी के दर्शन और पूजन के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नवरात्र को लेकर मंदिर परिसर को अत्यंत आकर्षक एवं भव्य ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से जगमगाती मंदिर की सुंदरता देखते ही बन रही है, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक शांति का अहसास हो रहा है।
🪔 2535 मनोकामना घी ज्योत से रोशन हुआ मंदिर: देश ही नहीं, विदेशों में बैठे श्रद्धालुओं की भी जुड़ी है अटूट आस्था
मां विंध्यवासिनी मंदिर की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष मंदिर में कुल 2535 घी के मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्योत को प्रकाश और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आनंद पवार ने बताया कि माता के प्रति भक्तों का विश्वास किसी भौगोलिक सीमा में बंधा नहीं है। धमतरी और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय भी हर साल यहाँ मनोकामना ज्योत प्रज्ज्वलित करवाते हैं।
📜 पीढ़ियों से चला आ रहा विश्वास और आस्था: मंदिर परिसर में सुरक्षा और दर्शन की समुचित व्यवस्था
वर्षों पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में आने वाले कई परिवारों का जुड़ाव पीढ़ियों से चला आ रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि माता के दर्शन मात्र से ही आत्मिक शांति और संबल मिलता है। पूजा-अर्चना, आरती और जयकारों की गूंज के बीच भक्त अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा सुगम दर्शन को ध्यान में रखते हुए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


