भारतीय सिनेमा और रंगमंच के दिग्गज कलाकार तथा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्हें गोवा में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया था, जिसके बाद सीने में तेज दर्द की शिकायत पर उन्हें मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और गुरुवार सुबह उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन से पूरे कला जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई बड़े नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
🏛️ डॉ. रमन सिंह और सीएम विष्णुदेव साय ने दी श्रद्धांजलि, बताया अपूरणीय क्षति
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि, “भारतीय सिनेमा और रंगमंच के महान कलाकार, पद्मश्री नाना पाटेकर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं मन को व्यथित करने वाला है। अपने सशक्त अभिनय, बेबाक व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण से उन्होंने कला जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।” वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संदेश में कहा कि उनके अद्भुत अभिनय और सहज व्यक्तित्व ने कला और समाजसेवा दोनों क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी है। उनका जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी और कभी न पूरी होने वाली क्षति है।
💧 भूपेश बघेल ने समाजसेवा और जल संरक्षण के क्षेत्र में दिए योगदान को किया याद
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए उनके सामाजिक कार्यों को याद किया। उन्होंने लिखा कि, “अपने अभिनय में देश की आत्मा और उसकी परेशानियों को जीने वाले महान अभिनेता नाना पाटेकर जी का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने न केवल सिनेमा में अपने किरदारों को बखूबी निभाया, बल्कि समाजसेवा के जरिए और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जो योगदान दिया, उसे हमेशा याद रखा जाएगा।” नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस गहरे दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

