उत्तर प्रदेश के वाराणसी में यूपी एटीएस (UP ATS) और रामनगर पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुख्यात नक्सली बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता का एनकाउंटर कर दिया है। रामनगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह पुलिस और इस इनामी नक्सली के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए बृजेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारे गए नक्सली पर झारखंड सरकार और एनआईए (NIA) की तरफ से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
💥 2. मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश में की पुलिस पर फायरिंग, डिप्टी एसपी और हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोलियां
पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 की भोर में बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर टेंगरा मोड़ से मुगलसराय की ओर जा रहा था। मुखबिर से मिली खास सूचना पर यूपी एटीएस और रामनगर पुलिस ने लंका मैदान के पास उसकी घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बदमाश ने बाइक से कूदकर पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान बदमाशों की गोली यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे गनीमत रही कि दोनों पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए और पूरी तरह सुरक्षित रहे।
💰 3. प्रतिबंधित संगठन TPC का कमांडर था बृजेश गंझू, झारखंड सरकार और NIA ने घोषित कर रखा था भारी इनाम
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुख्यात नक्सली बृजेश गंझू ढेर हो गया। मूल रूप से झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला बृजेश प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का खतरनाक कमांडर था। उसके ऊपर अकेले झारखंड सरकार की तरफ से 25 लाख रुपये और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की तरफ से 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। इस सनसनीखेज एनकाउंटर के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई हैं।


