चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस के एसी कोच में सफर कर रहे एक यात्री के गले से सोने की चेन चोरी होने का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि कोच में तैनात तीन अटेंडेंटों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. यह घटना उत्तर प्रदेश के आंवला और बरेली कैंट के बीच की है. सुबह नींद खुलने पर जब यात्री को चेन गायब मिली, तो (Bareilly GRP Action) उसने मौके पर मौजूद एक अटेंडेंट को पकड़ लिया और तुरंत जीआरपी को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
Bareilly GRP Action – दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर निवासी रोहित कुमार चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस के बी-वन कोच में सफर कर रहे थे. सुबह करीब पाँच बजे जब उनकी नींद खुली, तो उन्होंने अपने गले से सोने की चेन गायब पाई और पास ही अटेंडेंट शेखर को खड़ा देखा. शक होने पर जब पूछताछ की गई और जीआरपी ने सख्ती बरती, तो आरोपी शेखर ने अपने दो अन्य साथियों—गजब सिंह और अनिल कश्यप के नाम बताए, जो उसके गांव के ही रहने वाले हैं. ट्रेन की रफ्तार कम होने पर एक आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर भागने की फिराक में भी था, लेकिन पुलिस ने गश्त के दौरान तीनों को दबोच लिया.
चोरी के दस मिनट के भीतर ही चेन के कर दिए थे तीन टुकड़े
पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि आरोपियों ने चोरी करने के महज दस मिनट के भीतर ही सोने की चेन के तीन टुकड़े कर लिए थे और उसे आपस में बांट लिया था. जीआरपी ने आरोपियों के कब्जे से सोने की चेन के तीनों टुकड़े बरामद कर लिए हैं. इस घटना के बाद एसी कोच में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और अटेंडेंटों की भूमिका को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.


