नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए वेतन और भत्तों के मोर्चे पर जल्द बड़ी खुशखबरी सामने आ सकती है। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और इसकी सिफारिशों को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। जैसे-जैसे नए वेतन आयोग के लागू होने का समय निकट आ रहा है, केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें अपनी मूल तनख्वाह के साथ-साथ हाउस रेंट अलाउन्स (HRA) में होने वाले बड़े बदलावों पर टिक गई हैं। खासकर पे-मैट्रिक्स के लेवल 7 में आने वाले कर्मचारियों को इस बदलाव का सबसे बड़ा वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
महंगाई भत्ते से जुड़ा है पूरा ढांचा
नियमों के अनुसार HRA की गणना हमेशा संबंधित कर्मचारी की बेसिक सैलरी के प्रतिशत के आधार पर की जाती है। 7वें वेतन आयोग के बाद व्यय विभाग ने शहरों को आबादी के आधार पर तीन वर्गों (X, Y और Z) में विभाजित किया था। महंगाई भत्ता (DA) 50 फीसदी का स्तर पार करने के बाद (8th Pay Commission) वर्तमान में X कैटेगरी शहरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद) में HRA 30 फीसदी, Y कैटेगरी (5 लाख से 50 लाख आबादी) में 20 फीसदी और Z कैटेगरी (अन्य छोटे शहर) में 10 फीसदी लागू है।
लेवल 7 कर्मचारियों को सबसे ज्यादा लाभ
लेवल 7 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर सीधे 1,34,700 रुपये तक पहुंच सकती है। इस बेसिक पे के आधार पर मेट्रो शहरों (X क्लास) में कार्यरत कर्मियों का HRA उछलकर लगभग 40,410 रुपये प्रति माह हो जाएगा। Y कैटेगरी शहरों में यह भत्ता बढ़ कर 26,940 रुपये और Z कैटेगरी के छोटे शहरों में 13,470 रुपये मासिक तक पहुंच सकता है, जिससे कर्मचारियों को महंगाई से सीधा संबल मिलेगा।


