Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • पटना में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर हंगामा: छात्रों ने तोड़े बैरिकेड्स, सीएम आवास घेराव मार्च में पुलिस से झड़प
    • रायपुर में रक्षाबंधन की भीड़ से पहले जेवर चुराने वाली 2 शातिर महिलाएं गिरफ्तार: ₹12 लाख के सोने-चांदी के जेवरात और गाड़ियां बरामद
    • खैरागढ़ में नवविवाहिता आत्महत्या कांड: दहेज में बाइक-पैसे की मांग और पढ़ाई छुड़ाने वाला पति गिरफ्तार
    • खैरागढ़ में नवविवाहिता आत्महत्या कांड: दहेज में बाइक-पैसे की मांग और पढ़ाई छुड़ाने वाला पति गिरफ्तार
    • बीजापुर में भारी बारिश से उफान पर चिंतावागु नदी: नगर सेना ने बोट से सुरक्षित पार कराई नदी, मरीजों को दी प्राथमिकता
    • कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल में रातभर चट्टान पर फंसे रहे 3 दोस्त: 15 घंटे बाद SDRF ने बोट और रस्सी से किया सुरक्षित रेस्क्यू
    • शिक्षक (कृषि) भर्ती में B.Ed. अनिवार्य: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की योग्यता में छूट की मांग, 65 अभ्यर्थियों को झटका
    • नवा रायपुर सेक्टर-12 में बनेगी 120 करोड़ की आवासीय परियोजना: 29 एकड़ में तैयार होंगे 348 HIG और MIG आवास, ओपी चौधरी करेंगे शिलान्यास
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Tuesday, August 25
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » रक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र का क्या है महत्व? जानिए भगवान कृष्ण-द्रौपदी और राजा बलि की पौराणिक कथाएं

    रक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र का क्या है महत्व? जानिए भगवान कृष्ण-द्रौपदी और राजा बलि की पौराणिक कथाएं

    August 21, 2026 धार्मिक 2 Mins Read
    importance of raksha sutra
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली: सनातन धर्म में रक्षाबंधन का त्योहार अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माना गया है। इस वर्ष यह पर्व 28 अगस्त (शुक्रवार) को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, रक्षा सूत्र केवल सूत का धागा नहीं है, बल्कि यह प्रेम, समर्पण, सुरक्षा और अटूट विश्वास का (importance of raksha sutra) पवित्र प्रतीक है। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु, उन्नति और मंगलमय जीवन की कामना करती हैं।

     सच्चे भाव से बंधे रक्षा सूत्र की अमर कथा

    पौराणिक कथा के अनुसार, शिशुपाल वध के दौरान भगवान श्री कृष्ण की उंगली सुदर्शन चक्र के वेग से कट गई और रक्त बहने लगा।रक्त प्रवाह रोकने के लिए द्रौपदी ने बिना किसी संकोच के अपनी रेशमी (importance of raksha sutra) साड़ी का पल्लू फाड़कर भगवान कृष्ण की उंगली पर बांध दिया। द्रौपदी के निस्वार्थ प्रेम से अभिभूत होकर श्री कृष्ण ने आजीवन उनकी रक्षा करने का वचन दिया। जब हस्तिनापुर की भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ, तब भगवान कृष्ण ने अनंत वस्त्र प्रदान कर उनकी लाज बचाई।

    जब रक्षा सूत्र से वैकुंठ लौटे भगवान विष्णु

    भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर राजा बलि से तीन पग भूमि का दान लेकर उनका संपूर्ण साम्राज्य ले लिया। बलि की दानशीलता से प्रसन्न होकर जब प्रभु ने वरदान मांगने को कहा, तो बलि ने भगवान विष्णु को अपने साथ पाताल लोक में रहने का आग्रह किया। भगवान विष्णु को पुनः वैकुंठ लाने के लिए माता लक्ष्मी ने एक सामान्य स्त्री का रूप धरकर राजा बलि को रक्षा सूत्र (राखी) बांधा और उन्हें अपना भाई बनाया। जब राजा बलि ने उपहार मांगने को कहा, तो माता लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को मुक्त करने का वचन मांगा। रक्षा सूत्र की मर्यादा का पालन करते हुए राजा बलि ने सहर्ष भगवान विष्णु को विदा किया।

     

     

     

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    कुत्ते को राखी बांधने वाले विज्ञापन पर विवाद: कृति सेनन के ऐड पर भड़के काशी के विद्वान, बताया सनातन परंपरा के विरुद्ध

    ईद-ए-मिलाद उन नबी 2026: 26 अगस्त को मनाया जाएगा 12 रबीउल अव्वल, जानिए इस्लामिक महत्व

    रक्षाबंधन 2026: 28 अगस्त को न भद्रा का डर न ग्रहण का असर, जानें पंचक में राखी बांधने का सबसे शुभ समय

    सावन पुत्रदा एकादशी कब है? जानें 23 अगस्त 2026 की सही तिथि, पूजा विधि और संतान प्राप्ति के सिद्ध मंत्र

    भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक पितृपक्ष, पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का पावन पर्व

    कल्कि जयंती आज: जानिए शुभ पूजा मुहूर्त, विधि और भगवान विष्णु के 10वें अवतार कल्कि से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.