जामताड़ा : झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, लंबे समय से जेल में बंद रहने के बावजूद वह अपनी आपराधिक गतिविधियों और गिरोह का संचालन बेधड़क कर रहा था। साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल में स्थानांतरण (शिफ्टिंग) के दौरान जामताड़ा जिले के सदर थाना अंतर्गत सुपायडीह हाईवे पर कैदी वाहन अचानक पंचर हो गया। जब उसे सुरक्षा घेरे में दूसरे वाहन (notorious criminal killed) में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया और फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मौके पर ही ढेर हो गया।
notorious criminal killed – मूल रूप से पलामू जिले का रहने वाला सुजीत सिन्हा झारखंड राज्य के सबसे खौफनाक और संगठित अपराधियों में शुमार था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, आगजनी, धमकी, अवैध वसूली और संगठित अपराध के 75 से अधिक मामले दर्ज थे। उसका आपराधिक साम्राज्य झारखंड के आधे से ज्यादा जिलों में फैला हुआ था, और विशेष रूप से उद्योगपतियों व व्यापारियों के बीच उसका नाम दहशत का दूसरा पर्याय बना हुआ था।
सुजीत सिन्हा का नाम पहली बार वर्ष 2007 में पलामू जिले के टाउन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित डबल मर्डर केस में सामने आया था। टेंडर विवाद में भूषण सिंह और अनिल सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसका मुख्य साजिशकर्ता सुजीत सिन्हा ही निकला था। इस दोहरे हत्याकांड समेत कई मामलों में सुनवाई के बाद वर्ष 2019 में पलामू की अदालत ने उसे आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी।
पत्नी रिया सिन्हा भी चाईबासा जेल में बंद
जांच एजेंसियों के अनुसार, सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा भी उसके गैंग के नेटवर्क संचालन में मुख्य भूमिका निभाती थी। वर्तमान में रिया सिन्हा भी पुलिस की गिरफ्त में चाईबासा जेल में बंद है। पुलिस का कहना है कि सुजीत सिन्हा के मारे जाने के बाद भी उसके गिरोह के कई सक्रिय सदस्यों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि गिरोह को पूरी तरह खत्म किया जा सके।


