इंदौर: इंदौर नगर निगम ने जलूद में स्थापित 60 मेगावाट (MW) क्षमता के सोलर प्लांट की क्षमता को और बढ़ाकर 100 मेगावाट करने की पूरी तैयारी कर ली है। वर्तमान में यह सौर ऊर्जा संयंत्र प्रतिमाह औसतन 80 से 90 लाख यूनिट हरित बिजली उत्पादित करता है। क्षमता विस्तार का कार्य पूर्ण होने के बाद यह संयंत्र प्रतिमाह सवा करोड़ (1.25 करोड़) यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन करने लगेगा।
इस संयंत्र के माध्यम से इंदौर नगर निगम को वर्तमान में अपने भारी-भरकम बिजली खर्च में प्रतिमाह करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की सीधी बचत हो रही है। क्षमता विस्तार के पश्चात यह बचत राशि बढ़कर प्रतिमाह लगभग साढ़े पांच करोड़ रुपये हो जाएगी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि 60 मेगावाट संयंत्र स्थापित करने के साथ ही इसके विस्तार की योजना पर काम शुरू कर दिया गया था और इसके लिए बहुत जल्द निविदाएं (टेंडर) जारी कर दी जाएंगी।
⚡ 100 करोड़ रुपये होंगे अतिरिक्त खर्च, ग्रीन बॉन्ड से जुटाए गए थे 244 करोड़ रुपये
जलूद स्थित इस अत्याधुनिक सोलर प्लांट का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 29 अप्रैल 2026 को किया था। हालांकि प्रायोगिक तौर पर इस संयंत्र ने बिजली का उत्पादन 3 मार्च 2026 से ही शुरू कर दिया था। उत्पादन की शुरुआत के बाद से ही यह सोलर प्लांट बिना किसी तकनीकी बाधा के निर्बाध रूप से संचालित हो रहा है।
लगभग 220 एकड़ के विशाल भूभाग में फैले इस सौर ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 दिसंबर 2024 को रखी थी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक पूंजी जुटाने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम ने देश का पहला ग्रीन बॉन्ड जारी किया था, जिसे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली थी। ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से निगम ने लगभग 244 करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक जुटाई थी।
संयंत्र के औपचारिक लोकार्पण से पहले से ही इसकी क्षमता विस्तार की रूपरेखा तैयार की जाने लगी थी। अब इंदौर नगर निगम प्रशासन ने इसकी ठोस कार्ययोजना पर क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, वर्तमान संयंत्र की क्षमता को 60 से 100 मेगावाट तक बढ़ाने में लगभग 80 से 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।


