मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: भरतपुर विकासखंड के बॉयज हॉस्टलों में अधीक्षकों की नई पदस्थापना को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति की सभापति सुखमंती सिंह ने इस नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका सीधा आरोप है कि सहायक आयुक्त कार्यालय और विकासखंड (controversy over posting of superintendents) शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की मिलीभगत से ये नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर इन पदस्थापनाओं को तुरंत निरस्त करने की मांग की है। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मजबूरन कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
controversy over posting of superintendents – जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह ने कहा कि छात्रावास अधीक्षक जैसे बेहद संवेदनशील पद पर नियुक्ति करते वक्त नियमों की जमकर अनदेखी की गई है। स्थानीय और योग्य शिक्षकों को प्राथमिकता देने के बजाय दूरदराज के क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। कई अधीक्षक ऐसे हैं जिनकी पदस्थापना उनके मूल विद्यालय से 50 से 80 किलोमीटर दूर है, जिसके कारण उनकी नियमित उपस्थिति और रात्रि प्रवास (नाइट स्टे) पर सीधा असर पड़ना तय है।
BEO ने सभी आरोपों को किया सिरे से खारिज
उधर, जिला पंचायत सदस्य द्वारा लगाए गए इन तमाम गंभीर आरोपों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सचितानंद साहू ने पूरी तरह निराधार बताया है। उनके मुताबिक, सहायक आयुक्त कार्यालय की तरफ से विकासखंड शिक्षा कार्यालय से इस संबंध में न तो कोई प्रस्ताव या अनुशंसा मांगी गई थी और न ही उनके कार्यालय द्वारा कोई नाम आगे भेजा गया था। बीईओ ने सफाई देते हुए कहा कि छात्रावासों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं देना हर अधिकारी की पहली प्राथमिकता है और उनके कार्यालय स्तर पर किसी भी तरह की कोई मिलीभगत या सिफारिश नहीं की गई है।


