मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम सोनवर्षा में पीडीएस (PDS) राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन दुकान में 3 महीने का खाद्यान्न आवंटन होने के बावजूद उन्हें केवल 2 महीने का राशन ही वितरित किया गया। अपने हक का अनाज न मिलने से नाराज एक दर्जन से अधिक ग्रामीण, ग्राम पंचायत सरपंच के नेतृत्व में कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
📢 हितग्राहियों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप
ग्रामीणों ने शिकायत में बताया है कि जब उन्होंने राशन दुकान संचालक से शेष एक महीने के राशन के बारे में जानकारी मांगी, तो न केवल राशन देने से इनकार कर दिया गया, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज भी की गई। इस कथित अनियमितता से गांव के लगभग 111 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनमें अधिकतर गरीब मजदूर और दैनिक वेतनभोगी श्रमिक शामिल हैं, जो पूरी तरह सरकारी राशन पर निर्भर हैं।
🔍 प्रशासनिक सख्ती: जांच के निर्देश जारी
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने खाद्य विभाग और मनेंद्रगढ़ के एसडीएम को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। एसडीएम लिंगराज सिद्दार ने पुष्टि की है कि करीब 40-50 महिलाएं आवेदन लेकर पहुंची थीं। उन्होंने बताया, “तहसीलदार और खाद्य निरीक्षक को गांव भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संचालक ने राशन देने का वादा किया था, लेकिन वितरण नहीं किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि संचालक दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
🕒 समय पर राशन मिलना जरूरी
एसडीएम ने जोर देकर कहा कि जुलाई का महीना शुरू हो चुका है, ऐसे में पात्र परिवारों को समय पर राशन मिलना बेहद आवश्यक है। फिलहाल खाद्य विभाग की टीम प्रभावित हितग्राहियों के बयान दर्ज कर रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की इस कार्रवाई से उन्हें अपना हक का राशन मिल पाएगा और दोषियों पर सख्त अंकुश लगेगा।


