नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत, सुरक्षा बलों ने ओरछा और छोटेडोंगर थाना क्षेत्र से नक्सलियों के हथियारों के जखीरे और लाखों रुपये की नकद राशि बरामद की है। यह कार्रवाई नक्सलियों के सैन्य और आर्थिक नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है।
📍 दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई
नारायणपुर एसपी रॉबिंसन गुड़िया ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर दो अलग-अलग अभियानों को अंजाम दिया गया:
-
ओरछा क्षेत्र: टेकला जंगल-पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा भूमिगत छिपाकर रखे गए हथियारों और गोला-बारूद के एक बड़े डंप का पता चला।
-
छोटेडोंगर क्षेत्र: तोयामेटा जंगल-पहाड़ी में सर्चिंग के दौरान 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई।
🔫 बरामद हथियारों का विवरण
सुरक्षा बलों द्वारा रिकवर किए गए हथियारों में शामिल हैं:
-
मुख्य हथियार: 1 इंसास रायफल, 2 एसएलआर, 2 .303 रायफल, 2 30-ओसी बंदूक, 1 बीजीएल लॉन्चर और 1 सिंगल शॉट बंदूक।
-
कारतूस और उपकरण: इंसास, एसएलआर एवं .303 की मैगजीन, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस, 3 डेटोनेटर और 2 बायोफेंग स्कैनर। यह सामग्री संकेत देती है कि नक्सली भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हथियारों का बड़ा स्टॉक जमा कर रहे थे।
💰 आर्थिक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
तोयामेटा के जंगल से बरामद 24 लाख रुपये की नकदी को नक्सल संगठन के आर्थिक नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस धन का उपयोग हथियार खरीदने और संगठन की विध्वंसक गतिविधियों के संचालन के लिए किया जाना था। एसपी के अनुसार, पिछले पांच दिनों में चलाए गए इन अभियानों ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है।
🛡️ शांति की दिशा में कदम
नारायणपुर के दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का लक्ष्य नक्सलियों के सुरक्षित ठिकानों, विस्फोटक सामग्रियों और आर्थिक संसाधनों को पूरी तरह नष्ट करना है ताकि क्षेत्र में विकास और शांति का मार्ग प्रशस्त हो सके।


