रांची: रांची रेल मंडल अब केवल खिलाड़ियों को रोजगार देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेल प्रतिभाओं को तैयार करने की दिशा में भी एक बड़ी जिम्मेदारी उठा रहा है। डीआरएम की पहल पर रेलवे अपने खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है, जिसका उद्देश्य रेलवे कॉलोनी और आसपास की स्लम बस्तियों में रहने वाले उन प्रतिभाशाली बच्चों को तराशना है जो आर्थिक तंगी के कारण खेल नहीं पाते।
🏟️ अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर और नि:शुल्क सुविधाएं
रांची रेल मंडल के पास खेलों के लिए पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मौजूद हैं। अब इनका उपयोग स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए किया जा रहा है। स्लम बस्तियों के बच्चों के लिए यह प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क है, जबकि रेलवे कर्मचारियों के बच्चों से नाममात्र का शुल्क लिया जा रहा है। वर्तमान में 50 से अधिक बच्चे इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
⚽ क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी पर फोकस
वर्तमान में रेलवे परिसर में क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी के प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी सक्रियता से संचालित किए जा रहे हैं। अनुभवी प्रशिक्षकों और जेएससीए (JSCA) से जुड़े कोचों के साथ-साथ रेलवे के वरिष्ठ खिलाड़ी भी इन बच्चों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। ताकि वे तकनीक और खेल के बारीकियों में पारंगत बन सकें।
🚀 भविष्य की योजना: चेस, वॉलीबॉल और फुटबॉल अकादमी
रेलवे की योजना आने वाले समय में चेस (शतरंज), वॉलीबॉल और फुटबॉल की समर्पित अकादमियां शुरू करने की है। विभाग का स्पष्ट मानना है कि खेल प्रतिभाओं में निवेश करना भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। ताकि शुरुआती स्तर से ही बच्चे तकनीक रूप से मजबूत हो सकें और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना स्थान बना सकें।
🤝 खेल संस्कृति को मजबूत करना प्रमुख लक्ष्य
स्पोर्ट्स विभाग के जनरल सेक्रेट्री ओम प्रकाश ठाकुर ने बताया कि उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना है। यह पहल न केवल झारखंड की खेल संस्कृति को मजबूत करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में राज्य को कई नए और प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी देगी। रेलवे का यह प्रयास भविष्य में खिलाड़ियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।


