नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड के दाम (latest price of your city) टूटने के बाद आम आदमी को उम्मीद थी कि भारत में पेट्रोल और डीजल सस्ता होगा, लेकिन फिलहाल तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
कच्चे तेल में गिरावट के बावजूद राहत क्यों नहीं?
क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी के बावजूद ईंधन सस्ता न होने का मुख्य कारण तेल मार्केटिंग कंपनियों का घाटा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कंपनियां अभी भी पेट्रोल पर 3 रुपये और डीजल पर 27 रुपये प्रति लीटर (latest price of your city) का नुकसान उठा रही हैं। इस कारण कंपनियों को रोजाना करीब 600 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। हालाँकि, अप्रैल के मुकाबले इस घाटे में काफी कमी आई है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट्स (18 जून 2026)
| शहर | पेट्रोल (रु./लीटर) | डीजल (रु./लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |


