कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणामों को लेकर कानूनी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में एक चुनावी याचिका दायर कर सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ मिली हार को चुनौती दी है। ममता बनर्जी ने दावा किया है कि इस सीट पर वोटों की गिनती में (election petition) बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी, जिसके कारण उन्हें 15,105 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
election petition – ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में भवानीपुर सीट के चुनावी नतीजों की गहन न्यायिक समीक्षा की मांग की है। याचिका दाखिल करने के दौरान उनके साथ टीएमसी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष और डोला सेन भी मौजूद थे। इससे पहले भी, ममता बनर्जी 14 मई को हाई कोर्ट पहुंची थीं, जहाँ उन्होंने वकील की पोशाक पहनकर खुद केस की पैरवी करने की इच्छा जताई थी।
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चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही ममता बनर्जी लगातार धांधली के आरोप लगा रही हैं। 5 मई को अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्पष्ट कहा था कि, “हम चुनाव हारे नहीं हैं, बल्कि वोट जबरदस्ती लूटे गए थे।” इसी रुख पर कायम रहते हुए उन्होंने अब आधिकारिक रूप से कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
इतिहास और कानूनी जंग
यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी ने चुनावी हार को कोर्ट में चुनौती दी है। इससे पहले 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी से हारने के बाद भी उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था। नंदीग्राम मामले से जुड़ी याचिका अभी भी अदालत में विचाराधीन है। भवानीपुर मामले में अब अदालत का रुख क्या होगा, इस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं।


