ऊर्जा संकट के दौर में देशहित के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का बड़ा असर देखने को मिल रहा है. पीएम मोदी ने अपने काफिले की गाड़ियों को कम करने का निर्देश दिया है. उसके बाद उत्तराखंड (big decision of energy conservation) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपनी फ्लीट आधी करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने प्रधानमंत्री मोदी की ऊर्जा बचत की अपील को राष्ट्रहित में लिया गया संकल्प बताया है.
🛡️ राष्ट्रहित में संकल्प: संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील को देखते हुए अपनी सरकारी फ्लीट को 50 प्रतिशत तक कम करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह अपील केवल ऊर्जा बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर, सक्षम और जिम्मेदार भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प है.
🤝 आत्मनिर्भर और जिम्मेदार भारत के लिए सामूहिक भागीदारी
उन्होंने कहा कि जब देशहित सर्वोपरि हो, तब प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह अपने स्तर पर संसाधनों के संरक्षण में योगदान दे. मुख्यमंत्री धामी ने इसी के साथ सभी मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी कहा है कि वे अनावश्यक वाहनों के उपयोग से बचें और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दें. ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं.
🌱 पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री के इस आह्वान को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ लागू करेगी, ताकि संसाधनों की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य भी (big decision of energy conservation) हासिल किए जा सकें. यह कदम न केवल वर्तमान ऊर्जा संकट से निपटने में मदद करेगा बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगा.

