रांची: कोकर स्थित खोरहा टोली रोड नं-02 से पिछले दिनों लापता हुई 18 माह की मासूम बच्ची के परिजनों से मिलने आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू पहुंचे. लापता बच्ची के परिवारवालों से मुलाकात कर आदित्य साहू ने उनकी पीड़ा को करीब से महसूस किया. इस मौके पर उन्होंने पुलिस प्रशासन को 36 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस दौरान बच्ची की सकुशल बरामदगी नहीं होती है, तो भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर आंदोलन करने का काम करेगा.
⚠️ अपराधियों का शासन और पुलिस का भय समाप्त: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
उन्होंने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है, राज्य में पुलिस का भय समाप्त हो चुका है, अपराधी बेखौफ हो चुके हैं, राज्य में पुलिस का नहीं अपराधियों का शासन चल रहा है. राज्य की पुलिस और यहां की सरकार को आम लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है. अपराधियों का दुस्साहस इस कदर बढ़ा हुआ है कि खुलेआम बच्चे को टांगा हुआ फोटो दिखाकर आतंक फैलाया जा रहा है. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अब तक अबोध बच्ची का कोई सुराग न मिलना बेहद ही दुखद और दर्दनाक हैं.
👥 भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा पीड़ित परिवार के पास
लापता बच्ची के परिजन से मिलने पहुंचे भाजपा नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावे प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, विधायक सीपी सिंह, रांची की महापौर रोशनी खलखो, उप महापौर नीरज कुमार, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू भी शामिल थे. इस मौके पर आदित्य साहू ने कहा कि एक मासूम की जिंदगी दांव पर लगी है, लेकिन झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार और प्रशासन की सुस्ती साफ नजर आ रही है.
📢 न्याय मिलने तक पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी भाजपा
उन्होंने कहा कि इसके पहले जगन्नाथपुर और ओरमांझी में घटना घट चुकी है, आखिरकार पार्टी की चेतावनी और भारी जनदबाव के कारण इन बच्चों की सकुशल बरामदगी हुई. यह बतलाता है कि सतर्कता, जनदबाव और त्वरित कार्रवाई से सकारात्मक परिणाम संभव हैं. कोकर से गायब अबोध बच्ची के मामले को भी हमारी पार्टी ने पूरी गंभीरता से लेने का काम किया है. दुख की इस घड़ी में हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और न्याय मिलने तक आवाज उठाते रहेंगे.
📉 राज्य की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, पुलिस की कार्यशैली पर कटाक्ष
आदित्य साहू ने कहा कि हाल ही में कोल्हान से 13 महीनों में 106 युवतियों के गायब होने की खबर प्रमुखता से अखबार में प्रकाशित हुई है. स्पष्ट है कि पुलिसिया कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है और वे अपना मूल काम छोड़ दूसरे कार्यों में व्यस्त हैं. इस कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार को अपनी कार्यशैली बदलने की जरूरत है, तभी राज्य में अमन चैन स्थापित हो सकेगा.


