रांची: पिछले 13 महीनों से मानदेय नहीं मिलने से नाराज झारखंड के व्यावसायिक शिक्षकों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। राजधानी रांची स्थित झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल (JEPC) मुख्यालय में सोमवार को झारखंड व्यावसायिक शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। सुबह से ही शिक्षक JEPC कार्यालय परिसर में जुटे रहे और सरकार तथा विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
💸 2200 शिक्षकों के सामने रोजी-रोटी का संकट, कर्ज में डूबे परिवार
धरने पर बैठे शिक्षकों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से लगातार मांग और पत्राचार के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। शिक्षकों का कहना है कि राज्यभर में लगभग 2200 व्यावसायिक शिक्षक कार्यरत हैं लेकिन 13 महीनों से मानदेय भुगतान नहीं होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। कई शिक्षक कर्ज में डूब गए हैं, जबकि कई के सामने परिवार चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है।
😟 मानसिक तनाव और सरकारी अनदेखी से शिक्षक परेशान
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि वे स्कूलों में नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन बदले में उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा। शिक्षकों का आरोप है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बात तो करती है लेकिन जमीनी स्तर पर शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि लगातार आर्थिक संकट के कारण मानसिक तनाव भी बढ़ता जा रहा है।
📢 जल्द भुगतान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस धरना के दौरान कई शिक्षक भावुक नजर आए। शिक्षकों ने कहा कि अगर जल्द उनका बकाया मानदेय जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कुछ शिक्षकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अब उनके पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
⏳ बार-बार मिले सिर्फ खोखले आश्वासन, अधिकारी उदासीन
शिक्षकों ने यह भी कहा कि वे पिछले कई महीनों से JEPC और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराते रहे हैं लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। उनका आरोप है कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण हजारों शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया है। धरना-प्रदर्शन के कारण JEPC मुख्यालय परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा।
🛡️ लंबित मानदेय और स्थायी व्यवस्था की मांग
व्यावसायिक शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि लंबित मानदेय का जल्द भुगतान किया जाए और भविष्य में समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। शिक्षकों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।


