रांची: भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में केंद्र में चल रही एनडीए की सरकार ने 16 अप्रैल से तीन दिवसीय संसद का विशेष सत्र बुलाया है. नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए बुलाये गए इस विशेष सत्र को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि इस सत्र के दौरान लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए जल्द आरक्षण लागू करने की बात कही जा रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पहले ही महिला आरक्षण बिल पास हो चुका था, उस समय सबने जल्द से जल्द इसे लागू कर देने की मांग की थी. तब केंद्र सरकार ने यह दलील दी थी कि नई जनगणना के बाद यह लागू किया जाएगा. ऐसे में अब ऐसा क्या हो गया जो सरकार आनन-फानन में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है.
उन्होंने कहा कि अब जब वर्ष 2026 का अप्रैल भी आधा समाप्त हो चुका है पर जनगणना शुरू नहीं हुई है. ऐसे में बिन जनगणना के मोदी सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर इसे जल्द क्यों लागू करना चाहती है, यह एक बड़ा सवाल है.
सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि दरअसल महिला आरक्षण के नाम पर चुनावी लाभ लेने के लिए केंद्र की मोदी सरकार परिसीमन करने की तैयारी में है. उन्होंने कहा कि देश की जनसंख्या की अद्यतन जानकारी के बिना महिला आरक्षण लागू कर देना कैसे और कितना सही रहेगा? देश में आदिवासी, दलित, पिछड़ा, ईडब्ल्यूएस की संख्या कितनी है यह कैसे तय होगा.
उन्होंने कहा कि हम झारखंड जैसे छोटे राज्य, दक्षिण के राज्य जहां जनसंख्या कंट्रोल की गई, ऐसे में दक्षिण के राज्यों के लोक प्रतिनिधित्व को समाप्त करने के लिए महिला आरक्षण की आड़ में नई परिसीमन से चुनावी लाभ लेने की तैयारी है. क्योंकि ये लोग उन राज्यों में लोकसभा की ज्यादा सीटें बढ़वाएंगे जहां भाजपा मजबूत हो. अगर ऐसा हुआ तो दक्षिणी राज्यों के जनप्रतिनिधित्व का क्या होगा? इसलिए झामुमो इसे राजनीतिक साजिश मानता है, जिसे आरक्षण का चोला पहनाया जा रहा है, यह ठीक इलेक्शन बॉन्ड की तरह है. पैसा दो काम लो वाली स्थिति पैदा होने जा रही है.
सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि महिलाओं के साथ बड़ी साजिश होने जा रही है, जिसमें आदिवासी दलित और पिछड़े वर्ग की महिलाएं शामिल होंगी. जिस बूथ पर बीजेपी का वोट नहीं होगा उसे कई टुकड़े में बांट दिया जाएगा, गांव-मुहल्ले और जिला को बांटा जाएगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी की महिला के प्रति क्या सोच है यह ECI ने दिखा दिया है. बंगाल को पहली बार महिला मुख्य सचिव मिली थी, उसे इलेक्शन कमीशन ने हटाने का काम किया है.
सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि बंगाल में चुनाव आयोग के सहारे भाजपा लोकतंत्र को समाप्त करने में लगी है. बावजूद इसके बंगाल में भाजपा की हार तय है. उन्होंने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन पश्चिम बंगाल जाकर टीएमसी के लिए चुनावी सभा करेंगे. उन्होंने कहा कि संभवत 18, 19 और 20 अप्रैल को हेमंत सोरेन पश्चिम बंगाल में रहेंगे.
सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि बीजेपी अपने बहुमत को सामने कर के लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली है. चंद्रबाबू नायडू अगर दक्षिण के प्रति ईमानदार हैं तो तत्काल बीजेपी से अपना समर्थन उन्हें वापस ले लेना चाहिए. सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि जिस तरह से नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति से साइड किया गया है, उसे देखते हुए उन्हें भी मोदी सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए. भाजपा, महिलाओं को आगे रख कर लोकतंत्र को समाप्त करना चाहती है जिसका झामुमो सदन से सड़क तक विरोध करेगा. पहले जातीय जनगणना हो उसके बाद परिसीमन और महिला आरक्षण लागू हो.


