धमतरी: सुप्रसिद्ध समाजवादी नेता एवं लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संस्थापक रघु ठाकुर ने कहा कि हर आदिवासी परिवार को वादे और नियमों के अनुसार जमीन का पट्टा नहीं मिला तो चरणबद्ध (tribal land rights) तरीके से तहसील, जिला, प्रदेश और देश की राजधानी तक आंदोलन किया जाएगा.
रघु ठाकुर भारतीय समाजवाद के नायक डॉ. राममनोहर लोहिया की जयंती पर उमरादेहान में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे. कंधे में गंभीर चोट होने के बावजूद वे दिल्ली से पहुंचकर डॉ. लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके योगदान को याद किया. आदिवासियों द्वारा एक-एक किलो धान एकत्र कर स्थापित की गई प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
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रघु ठाकुर ने नगरी-सिहावा अंचल और आदिवासियों के लिए डॉ. लोहिया के योगदान को याद करते हुए कहा कि उमरादेहान लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के लिए तीर्थ स्थल के समान है। इसी क्षेत्र से करीब 74 वर्ष पहले आदिवासियों के भूमि अधिकार का आंदोलन शुरू हुआ था, जिसने आगे चलकर वन अधिकार कानून की नींव रखी.
tribal land rights – रघु ठाकुर ने कहा कि आदिवासियों के जीवनयापन का मुख्य आधार खेती है और जमीन का सवाल उनकी जिंदगी से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए भूमि अधिकार के लिए आगे भी आंदोलन जारी रहेगा. नगरी-सिहावा अंचल से अपने चार पीढ़ियों पुराने संबंध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोग केवल अपने लिए नहीं, बल्कि देशहित के मुद्दों जैसे महंगाई पर भी आवाज उठाते रहे हैं.


