ईरान की मीडिया का दावा है कि F-15 फाइटर जेट को होर्मुज आइलैंड के पास मार गिराया गया है. खबर के मुताबिक, यह जेट दुश्मन का था और दक्षिणी इलाके के ऊपर उड़ रहा था. ईरान की (sound of the great war) एयर डिफेंस सिस्टम ने जमीन से मिसाइल दागकर इसे निशाना बनाया. सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने भी इस घटना की बात कही है और एक वीडियो दिखाया है, जिसमें जेट गिरता नजर आ रहा है.
sound of the great war – हालाकि, अमेरिका या इजराइल की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है. ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका और इजराइल को भारी नुकसान हुआ है. सिर्फ 21 दिनों में दोनों देशों के 28 से ज्यादा विमान और कई महंगे सैन्य सिस्टम प्रभावित हुए हैं. ईरान ने दावा किया है कि उसने कम से कम 17 एयरक्राफ्ट को मार गिराया या नुकसान पहुंचाया.
युद्ध में US-इजराइल को कितना नुकसान?
अमेरिका को 16 एयरक्राफ्ट का नुकसान हुआ है, जिनमें 12 MQ-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं. एक ड्रोन की कीमत करीब 56.5 मिलियन डॉलर होती है, यानी सिर्फ ड्रोन में ही 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ. इसके अलावा 3 F-15 स्ट्राइक ईगल कुवैत में गलती से अपनी ही फायरिंग में नष्ट हो गए. 12 मार्च को इराक के ऊपर एक KC-135 फ्यूल टैंकर विमान क्रैश हो गया, जिसमें सवार 6 लोगों की मौत हो गई और एक अन्य KC-135 भी उसी घटना में क्षतिग्रस्त हुआ.
F-35 को भी गिराने का दावा
19 मार्च को ईरान ने F-35 स्टील्थ फाइटर को निशाना बनाने का दावा किया. अमेरिकी सेना ने कहा कि विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, लेकिन कारण साफ नहीं बताया. अगर यह दावा सही है, तो यह पहली बार होगा जब इतने आधुनिक जेट को इस तरह निशाना बनाया गया. इजराइल के भी एक दर्जन से ज्यादा ड्रोन ईरान के इलाके में नष्ट हुए हैं. इस तरह कुल मिलाकर दोनों देशों के 28 एयरक्राफ्ट प्रभावित हुए हैं.
THAAD और रडार तबाह किया
ईरान ने अमेरिका के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया. उसने THAAD सिस्टम से जुड़े AN/TPY-2 रडार पर हमले किए, जिनकी कीमत 300 से 500 मिलियन डॉलर तक होती है. जॉर्डन, यूएई और सऊदी अरब में ऐसे रडार प्रभावित हुए हैं. कतर के अल उदीद एयरबेस पर 1.1 बिलियन डॉलर का AN/FPS-132 रडार भी क्षतिग्रस्त हुआ है.


