Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • Bengal Election 2026: अफसरों के ट्रांसफर के खिलाफ HC में याचिका, चुनाव आयोग के फैसले पर बिफरीं ममता; क्या टल जाएंगे तबादले?
    • बहन की शादी की खुशियाँ ‘मातम’ में बदली! दिल्ली से घर आए भाई की ईंट-पत्थरों से कूंचकर निर्मम हत्या; कोहराम
    • Blouse Dispute Brawl: ब्लाउज की सिलाई पर शुरू हुआ महिलाओं का ‘संग्राम’, पुरुषों ने भी भांजीं लाठियां; गंभीर रूप से घायल अस्पताल में भर्ती
    • Mumbai Crime News: मुंबई में बिल्डर का गड्ढा बना ‘काल’, 8 साल के बच्चे की डूबने से मौत; कंस्ट्रक्शन साइट पर सुरक्षा नियमों की उड़ी धज्जियां
    • नोएडा वालों के लिए बुरी खबर! अगले 2 साल तक नहीं घूम पाएंगे बोटैनिकल गार्डन; ‘वर्ल्ड क्लास’ बनाने के लिए लगा ताला, जानें क्या है नया प्लान?
    • बंगाल चुनाव के लिए ममता का ‘मास्टरस्ट्रोक’! घर बैठे मिलेगा इलाज और ‘लक्ष्मी भंडार’ में बड़ा इजाफा; टीएमसी के घोषणापत्र में वादों की बौछार
    • Supreme Court on Runaway Couple: ऑनर किलिंग के डर से SC पहुँचा कपल, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी सुरक्षा; हाई कोर्ट से संपर्क करने का आदेश
    • Eid-ul-Fitr 2026 Date: देशभर में 21 मार्च को ईद, लेकिन केरल में आज ही हो गई नमाज़; जानें दक्षिण भारत और उत्तर भारत की तारीखों में अंतर की वजह
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Saturday, March 21
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » Freedom of Religion Bill 2026: विधानसभा में पास हुआ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक? विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट के बीच सरकार का बड़ा बयान

    Freedom of Religion Bill 2026: विधानसभा में पास हुआ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक? विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट के बीच सरकार का बड़ा बयान

    March 19, 2026 छत्तीसगढ़ 3 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पेश होते ही सियासी माहौल गरमा गया. जहां एक ओर सरकार इसे जरूरी कानून बता रही है, वहीं विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों का हवाला देते हुए कड़ा विरोध जताया.तीखी बहस के बाद आसंदी ने विपक्ष की आपत्तियों को खारिज कर दिया, जिसके विरोध में विपक्ष ने पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया.

    सदन में पेश हुआ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक
    विधानसभा में डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक सदन में पेश किया.सरकार के मुताबिक ये विधेयक प्रदेश में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने और कानूनी स्पष्टता लाने के उद्देश्य से लाया गया है.

    विपक्ष ने जताई कड़ी आपत्ति
    विधेयक पेश होते ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश समेत 11 राज्यों के ऐसे ही कानूनों से जुड़े मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं.ऐसे में जब तक शीर्ष अदालत का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक इस विषय पर चर्चा करना उचित नहीं है. उन्होंने सरकार पर जल्दबाजी का आरोप भी लगाया.

    सरकार का पलटवार—’कोई स्टे नहीं, चर्चा होगी’

    विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय पर कोई स्टे नहीं दिया है और नए कानून बनाने पर भी कोई रोक नहीं है.उन्होंने कहा कि सदन में चर्चा के दौरान सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा.बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विधेयक पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत लाया गया है.

    आसंदी ने खारिज की विपक्ष की आपत्तियां
    विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बहस के बाद आसंदी ने विपक्ष की आपत्तियों को खारिज कर दिया.इसके बाद विजय शर्मा ने विधेयक का पुनःस्थापन किया और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई.

    विपक्ष का वॉकआउट, दिनभर कार्यवाही का बहिष्कार

    आसंदी के फैसले से नाराज विपक्ष ने विरोध स्वरूप सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया.विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार किया, जिससे विधानसभा का माहौल पूरी तरह सियासी टकराव में बदल गया. धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में जो सियासी टकराव देखने को मिला, उसने साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति का बड़ा केंद्र बनने वाला है. सरकार जहां इसे कानून व्यवस्था से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष इसे संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय बता रहा है.

    क्या है धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026

    धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 (छत्तीसगढ़) एक प्रस्तावित कानून है, जिसका उद्देश्य धार्मिक परिवर्तन से जुड़े मामलों को विनियमित करना और कथित तौर पर “जबरन, प्रलोभन या धोखे से” धर्म परिवर्तन को रोकना है.उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात जैसे कई राज्यों में पहले से ऐसे “धर्म स्वतंत्रता” या “एंटी-कन्वर्जन” कानून लागू हैं, और सुप्रीम कोर्ट में इन पर कानूनी बहस जारी है.

    क्या हैं विधेयक के उद्देश्य

    राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाना

    आदिवासी और कमजोर वर्गों की सुरक्षा करने का प्रावधान

    लालच, दबाव या धोखे से धर्म बदलवाना अपराध की श्रेणी

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    तेलंगाना से खदेड़े गए, बस्तर में ‘राज’ किया! आखिर कैसे छत्तीसगढ़ का ये जिला बन गया माओवादियों का हेडक्वार्टर? इनसाइड स्टोरी

    IAS Ravi Mittal PMO Appointment: छत्तीसगढ़ कैडर के IAS रवि मित्तल बनाए गए PMO में डिप्टी सेक्रेटरी; केंद्र में बढ़ा कद

    Septic Tank Death News: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान 3 मजदूरों ने गंवाई जान, मुख्यमंत्री ने जताया दुख; मुआवजे और मदद का किया बड़ा ऐलान

    Chhattisgarh Assembly Today: धर्म स्वतंत्रता विधेयक समेत कई अहम बिल पेश, विपक्ष ने घेराबंदी की तैयारी; विधानसभा की कार्यवाही पर बड़ी अपडेट

    Maa Manka Dai Temple: चैत्र नवरात्र के पहले दिन भक्तों की भारी भीड़, माँ मनका दाई पूरी करती हैं हर झोली; यहाँ देखें आरती का समय

    Chhattisgarh Assembly: वीरता पदकों पर मिलने वाली राशि पर छिड़ी बहस, विधायक रामकुमार टोप्पो ने मांगा जवानों के लिए ‘हक’

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.