मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में लगातार बढ़ते अपराध और अपेक्षित पुलिस कार्रवाई न होने पर नाराज पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कड़ा कदम उठाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. जबलपुर के (Jabalpur Police Action) पुलिस इतिहास में संभवतः पहली बार एक साथ 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा दी गई है. इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई है. पुलिस विभाग में तरह-तरह की चर्चा भी शुरू हो गई हैं.
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जानकारी के अनुसार, अपराधों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के थानों की कार्यप्रणाली का विस्तृत मूल्यांकन किया. इस दौरान पाया गया कि कई थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई. बीते वर्ष की तुलना में कई थानों का प्रदर्शन कमजोर रहा और अपराधों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा सका. इसी को लेकर पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाते हुए 25 थाना प्रभारियों को निंदा (कंडेम्नेशन) और एक थाना प्रभारी को चेतावनी देने की कार्रवाई की है.
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Jabalpur Police Action – यह दंड संबंधित अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा, जिसका असर उनके भविष्य के करियर पर पड़ सकता है. विशेष रूप से प्रमोशन के समय यह टिप्पणी उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. पुलिस विभाग में सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज निंदा या चेतावनी को गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जाता है. समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि शहर में बढ़ते अपराध किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.


