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    Home » 15 साल का इंतजार और अब ‘इंकलाब’! बैगा आदिवासियों के सब्र का बांध टूटा

    15 साल का इंतजार और अब ‘इंकलाब’! बैगा आदिवासियों के सब्र का बांध टूटा

    March 11, 2026 मध्य प्रदेश 2 Mins Read
    15 years of waiting
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    मंडला : ग्राम पंचायत किसली भीलवानी में पिछले 15 वर्षों से एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर उनका हक कब मिलेगा? वनाधिकार पट्टा पाने के लिए यहां के लोग वर्षों से सरकारी दफ्तरों की चौखट (15 years of waiting) घिस रहे हैं. कभी वन विभाग के चक्कर लगते हैं, तो कभी राजस्व विभाग के. लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ एक ही जवाब मिलता है कि यह हमारे विभाग का मामला नहीं है.

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    ग्रामीणों का कहना है कि वनाधिकार पट्टा नहीं मिलने की वजह से वे शासन की कई योजनाओं से वंचित हो गए हैं. खेत हैं, मेहनत करते है, लेकिन सरकारी कागजों में अधिकार नहीं है. न उन्हें खाद मिल पा रही है, न बीज और न ही बैंक से ऋण. लगातार आवेदन और गुहार के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो परेशान ग्रामीणों ने कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक को आवेदन सौंपकर लंबित दावों के जल्द निराकरण की मांग की.

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    15 years of waiting – ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उन्हें उनका अधिकार नहीं मिला तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी. जनपद सदस्य खुजल सिंहका कहना है “आदिवासियों के लिए लंबे-चौड़े दावे करने वाले नेता उनकी समस्या पर गंभीर नहीं हैं.”

     

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