रांचीः बजट सत्र के 10वें दिन विपक्ष सरकार के खिलाफ आक्रामक होता दिखा. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की. पार्टी के (arbitrariness of officers will not be tolerated) मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे भाजपा विधायकों ने राज्य में अफसरशाही के कारण आम लोगों को हो रही परेशानी की ओर ध्यान खींचा.
उन्होंने कहा कि राज्य में अफसरशाही चरम पर है, जिसके कारण कोई भी काम समय पर नहीं होता है, होता भी है तो बिना चढ़ावा के नहीं होता. यानी भ्रष्टाचार चरम पर है जिसके कारण लोग परेशान हैं. वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में अफसरों की मनमानी पर चिंता जताते हुए कहा कि लगता नहीं है कि अबुआ सरकार चल रही है.
इसे भी पढ़ें – इरफान अंसारी के ‘विवादित’ बोल पर अमर बाउरी का पलटवार! बोले- “आदिवासी राष्ट्रपति का अपमान ढंक रही कांग्रेस”
उन्होंने कहा कि कोई भी अफसर सुनने को तैयार नहीं है चाहे अंचल चले जाइए, थाना चले जाइए, सभी जगह जनता परेशान है और सरकार निश्चिंत है. उन्होंने कहा कि लगता है कि राज्य में सरकार मनमाने तरीके से बाबू चला रहे हैं, जिसके कारण राज्य की क्या हालत हो गई है. हाथों में तख्ती लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर रहे भाजपा विधायकों में नीरा यादव, पूर्णिमा दास सहित कई नेता मौजूद थे.
arbitrariness of officers will not be tolerated – झारखंड विधानसभा का बजट सत्र आखिरी दौर में है. इसका समापन 18 मार्च को होगा इस तरह से देखें तो अब महज एक सप्ताह भी सदन नहीं चलेगा. बजट सत्र की शुरुआत 18 फरवरी को ही हुई थी और इसको लेकर विपक्षी दल भाजपा ने सोमवार शाम रणनीति बनाने के लिए विधायक दल की बैठक की थी. हालांकि बजट सत्र के दौरान जब सदन के अंदर और बाहर विपक्ष की उदासीनता देखी गई तो सवाल उठने लगे थे.


