अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक (India is not worried) भारत के पास तेल और गैस का करीब 50 दिनों का स्टॉक मौजूद है, इसलिए आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.सूत्रों के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय रूस समेत दुनिया की कई बड़ी क्रूड ऑयल सप्लाई करने वाली कंपनियों के लगातार संपर्क में है. कुछ जगहों से आपूर्ति थोड़ी कम जरूर हुई है, लेकिन सप्लाई पूरी तरह बाधित नहीं होगी.
सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत की कुल क्रूड ऑयल आपूर्ति का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ही स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के रास्ते आता है. बाकी 60 प्रतिशत आपूर्ति अन्य देशों और रास्तों से होती है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी तरह की समस्या होने पर भी भारत के सामने बड़ी परेशानी की स्थिति नहीं बनेगी. हालांकि हार्मुज मार्ग में दिक्कत आने से एलएनजी की करीब 60 एमएमएसक्यूएम (MMSCM) की कमी हो सकती है. ऐसी स्थिति में सरकार जरूरत के हिसाब से औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए गैस का पुनः आवंटन (री-एलोकेशन) कर सकती है.
India is not worried – अमेरिका-ईरान तनाव को देखते हुए सरकार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की स्थिति की दिन में दो बार समीक्षा कर रही है. इन बैठकों में पेट्रोलियम मंत्री के साथ सभी पेट्रोलियम पीएसयू कंपनियों के अधिकारी शामिल होते हैं. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कतर और ओमान के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में हैं. इसके अलावा भारत अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) और अमेरिकी अधिकारियों के साथ भी लगातार बातचीत कर रहा है.


