अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर हमले के धमकी दे रहे हैं. हाल ही में उन्होंने कहा है कि अगर ईरान के साथ बातचीत फेल होती है, तो इसके बुरे परिणाम होंगे. जहां ये (Iran Taliban Conflict) तनाव खाड़ी देशों में चिंता बनाए हुए हैं, वहीं ईरान की पूर्वी सीमा पर हलचल तेज है.
अफगान सरकार के स्पोक्सपर्सन ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने रविवार को कहा कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान पर कोई हमला होता है, तो अफगानिस्तान के लोग अपने ईरानी भाइयों को अलग-अलग तरह से एकजुटता और सपोर्ट देंगे. वहीं पाकिस्तान अमेरिका के सामने ईरान के साथ खड़े होने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है और चुप्पी साधे हुए है.
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ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने आगे कहा कि ईरान 12 दिन की लड़ाई में जीत गया है और इस बात पर ज़ोर दिया कि तेहरान जीतने और भविष्य में होने वाले किसी भी हमले से खुद को बचाने में काबिल है. पिछले हफ्ते अफगानिस्तान में ईरान के एम्बेसडर, अलीरेजा बिकदेली ने कहा कि तेहरान कई सेक्टर में काबुल के साथ रिश्ते मज़बूत करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है.
Iran Taliban Conflict – ईरान और पाकिस्तान के बीच अच्छे संबंध हैं और पाकिस्तान ईरान के साथ एक लंबी सीमा साझा करता है. पाकिस्तान अक्सर मुस्लिम दुनिया की रक्षा के लिए लंबी-लंबी बाते करता आया है. लेकिन अमेरिका के सामने आसिम मुनीर से लेकर शहबाज शरीफ सब चुप हैं.


