इंदौर : देश में 2011 के बाद से पूरे 15 साल बाद एक बार फिर जनगणना हो रही है. मध्य प्रदेश में 16वीं जनगणना के लिए फिलहाल दो चरणों में कार्य प्रारंभ होगा, जो 2 साल तक चलेगा. देश में रहने वाले नागरिकों (MP Census 2027) की संख्या और जनसंख्या के अनुपात में विकास योजनाओं तथा अन्य सांख्यिकी महत्व के लिए जनगणना की जा रही है. इधर, इंदौर में जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 में शुरू होगा, जो अगले साल फरवरी तक चलेगा.
15 साल बाद शुरू होने जा रही जनगणना
इसी प्रकार फरवरी 2027 में जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसके तहत देशभर में जनगणना पूरी की जाएगी. लंबे समय बाद हो रही जनगणना उन युवाओं के लिए भी कुतूहल का विषय है, जिन्होंने कभी भी जनगणना जैसी प्रक्रिया में भागीदारी नहीं की है. हालांकि, इस बार जनगणना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें देश के प्रत्येक नागरिक की लगभग पूरी जानकारी सांख्यिकी आंकड़ों में दर्ज की जाएगी.
घर-घर जाकर पूछे जाएंगे ये सवाल
सांख्यिकी विभाग के मुताबिक इस बार की जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें नागरिक का मकान और भूमि स्वामी की स्थिति, पक्का अथवा कच्चा मकान, पीने के पानी का उपलब्ध साधन, खाना (MP Census 2027) पकाने का ईंधन और इंटरनेट के अलावा फोन, टीवी, वाहन आदि जानकारी भी ली जाएगी. इसके अलावा आहार एवं जीवन शैली से जुड़े अन्य सवाल और परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर भी पूछा जाएगा जो पहली बार रिकॉर्ड में दर्ज होंगे.


