प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य से संबंधित हालिया विवाद के बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्म, राष्ट्र और सनातन पर तीखी और साफ बातें कही हैं. सीएम योगी ने बिना किसी का नाम (who was elusive Kalnemi) लिए कहा कि आज धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है. ऐसे लोगों से समाज को सावधान रहने की जरूरत है.
सीएम योगी ने ऐसे लोगों को ‘कालनेमि’ बता दिया. उन्होंने कहा कि ये लोग बाहर से धार्मिक दिखते हैं, लेकिन अंदर से धर्मविरोधी एजेंडे पर काम कर रहे हैं. एक योगी, संत या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बड़ा कुछ नहीं है.
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कालनेमि एक राक्षस था, जिसका जिक्र रामायण में मिलता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार,कालनेमि रावण के मामा मारीच का पुत्र था. वो लंकापति रावण की सेना का एक शक्तिशाली राक्षस था. वो रावण की सेवा में रहकर उसके आदेशों को पूरा करता था. कालनेमि सिर्फ बलवान ही नहीं, बल्कि बल्कि चालाक और मायावी राक्षस था. वह छल-कपट से अपने कार्य को करने में माहिर था. यही वजह है कि हनुमान जी को रोकने के लिए रावण ने कालनेमि को बुलाया था.
who was elusive Kalnemi – इसके बाद कालनेमि ने एक साधु का वेश धारण किया और माया से रास्ते में एक सुंदर आश्रम बना दिया. साथ ही एक शांत सरोवर का भी निर्माण कर दिया. हनुमान जी को आकाश मार्ग से जाते समय क तपस्वी का सुंदर आश्रम दिखा. वो वहां उतरे. साधु बने कालनेमि ने उन्हें आदरपूर्वक आमंत्रित किया. अंत में हनुमान जी उसको पहचान गए और उन्होंने उसे पूंछ में लपेट कर मार डाला.


