रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के साहस, शक्ति, संयम के प्रतीक के रूप में इतिहास में याद किया जाएगा. सैनिकों के अदम्य साहस, अटूट समर्पण और (open ultimatum to terrorists) युद्धक्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के अनुकूल ढलने के तरीके की सराहना करते हुए, रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई सावधानीपूर्वक आकलन और मानवीय मूल्यों का पूरा ध्यान रखते हुए की गई थी.
उन्होंने कहा कि हालात कठिन थे और दबाव भी था, लेकिन हमारे सैनिकों ने जिस संयम, एकता और धैर्य के साथ इस अभियान को अंजाम दिया, वह अभूतपूर्व और प्रशंसनीय था. उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है और भारत के शांति प्रयास तब तक जारी रहेंगे जब तक आतंकवादी विचारधारा का पूरी तरह से खात्मा नहीं हो जाता.
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय सेना दिवस के उपलक्ष्य में जयपुर एसएमएस स्टेडियम में आयोजित शौर्य संध्या को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, यह भी सच है कि ऑपरेशन सिंदूर अब पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है क्योंकि जब तक आतंकी सोच खत्म नहीं होती तब तक शांति के लिए हमारा यह प्रयास लगातार चलता रहेगा. मैं राजस्थान की इस वीर धरती से इसकी घोषणा कर रहा हूं.
open ultimatum to terrorists – रक्षा मंत्री ने कहा कि इस (ऑपरेशन सिंदूर) अभियान में भारत ने अपनी सैन्य ताकत ही नहीं दिखाई बल्कि अपने राष्ट्रीय स्वभाव का भी परिचय दिया है. उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह से सोच समझ कर और मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखकर की गई. इसी कारण ऑपरेशन सिंदूर भारत के इतिहास में सिर्फ सैन्य कार्रवाई के रूप में नहीं बल्कि साहस व संतुलन के प्रतीक के रूप में याद रखा जाएगा.


