जबलपुर : मॉडलिंग की दुनिया छोड़कर साध्वी बनी हर्षा रिछारिया मौनी अमावस्या के दिन दोबारा मॉडलिंग के क्षेत्र में वापस कदम रखेंगी. हर्षा रिछारिया का कहना है कि वे दूसरे साधु संतों से परेशान हो गई हैं. अब तो (take off the saffron robe) बात उनके चरित्र तक उठने लगी है इसलिए वह बहुत दुखी हैं. इसलिए वह अब दोबारा अपने मॉडलिंग के कैरियर को शुरू करेंगी.
भगवा चोला उतार दोबारा मॉडलिंग करेंगी हर्षा
कुंभ मेले में एक्टर और मॉडल हर्षा रिछारिया उस समय चर्चा में आईं थीं जब एक बड़े संत ने उन्हें दीक्षा दी थी और वे साध्वी बन गई थीं. हर्षा रिछारिया जबलपुर में निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची. यहीं पर उन्होंने बयान दिया है कि “अब वे और आगे साध्वी बनी रहना नहीं चाहतीं और परेशान होकर इस रास्ते को छोड़ रही हैं.”
अपने ही धर्म गुरुओं पर परेशान करने का आरोप
हर्षा रिछारिया का कहना है कि “सनातन को कोई अपनाता नहीं है बल्कि मैं पैदा होती ही सनातनी हो गई थी और इसे मैं अपना सौभाग्य मानती हूं और जीवन भर सनातनी रहूंगी. धर्म का प्रचार करने के लिए मैंने दीक्षा ली थी और मैं साध्वी बन गई थी लेकिन मुझे किसी दूसरे धर्म से इतना अपमान नहीं मिला जितना अपने ही धर्म के दूसरे धर्म गुरु मुझे परेशान कर रहे हैं.
‘सनातन की राह में नहीं मिली शांति’
हर्षा रिछारियाका कहना है कि “मुझे उम्मीद थी कि मैं दीक्षा लेने के बाद सनातन की राह पर चलूंगी तो मुझे शांति मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मन बहुत अधिक अशांत रहने लगा. इससे अच्छा तो मेरे (take off the saffron robe) पुराना काम था. उसमें कम से कम में शांति से तो रहती थी. इसके पहले भी महिलाओं को कई अग्नि परीक्षाएं देनी पड़ी हैं. उनके बारे में भी जो आरोप लगाए जा रहे हैं उनकी कोई भी जांच कर सकता है. मेरे पास कोई पैसा नहीं है आप मेरा बैंक अकाउंट चेक कर सकते हैं.


