हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ई-बस सेवा के ट्रायल को लेकर एक रोचक मामला सामने आया है. कंपनी ने ट्रायल को लेकर बस को ट्राले पर लादकर सोलन तो भेज दिया, लेकिन उसके साथ बस की चाबी भेजना ही भूल गई. इस लापरवाही के कारण निगम के अफसरों को ट्राले से बस नीचे उतारने में काफी परेशानी (digital India’s mission) का सामना करना पड़ा. काफी देर तक जब चाबी नहीं मिली तो निगम ने तुरंत कंपनी से संपर्क किया, जिसके बाद बस की चाबी को हैदराबाद से फ्लाइट के जरिए भेजा गया.
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चाबी को हैदराबाद से विमान के माध्यम से चंडीगढ़ भेजा गया, जहां से देर शाम उसे सोलन पहुंचाया गया. चाबी पहुंचने के बाद ही ई-बस को ट्राले से उतारा जा सका. इस पूरे घटनाक्रम के बाद निगम अधिकारियों के सुर भी कुछ बदले नजर आए. चाबी न होने से परेशान अधिकारियों ने दावा किया कि सुरक्षा के लिहाज से ट्राले को सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया गया था, ताकि किसी तरह की असुविधा या नुकसान न हो.
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digital India’s mission – ई-बस के ट्रायल की प्रक्रिया भी अब शुरू हो चुकी है. पहले दिन सोलन से अर्की वाया ममलीग रूट पर बस का परीक्षण किया गया. इस दौरान एचआरटीसी और कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे और बस की तकनीकी जांच की. बस को पूरी तरह चार्ज करने के बाद सोलन से अर्की तक चलाया गया, ताकि यह आकलन किया जा सके कि फुल चार्जिंग पर बस कितनी दूरी तय करती है. इसके अलावा चार्जिंग सिस्टम, ब्रेक, पिकअप और अन्य व्यवस्थाओं की भी बारीकी से जांच की गई.


