महाराष्ट्र की 29 नगरपालिकाओं में 2869 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं. इस चुनाव में 33,606 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. हालांकि, चुनाव से पहले ही 68 पार्षद निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं. जिसको (the public is supreme) लेकर विपक्षी दलों ने चिंता जताई है और इनके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करने का ऐलान किया है. इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है.
the public is supreme – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार (4 जनवरी, 2026) को कहा कि अगर विपक्षी दल नगर निगम चुनावों में महायुति उम्मीदवारों के निर्विरोध चुनाव को चुनौती देने के लिए कोर्ट का रुख भी करते हैं, तो भी जनता का जनादेश ही सर्वोपरि रहेगा.
68 पार्षद निर्विरोध जीते
दरअसल राज्य भर में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों में बीजेपी और उसके महायुति सहयोगियों ने 68 सीटें निर्विरोध जीत ली हैं, जबकि विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने उम्मीदवारों को चुनाव से हटने के लिए मजबूर करने के लिए धमकियों और पैसे का इस्तेमाल किया. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने शनिवार (3 जनवरी, 2026) को कहा कि वह महायुति उम्मीदवारों के निर्विरोध चुनाव को कोर्ट में चुनौती देगी.
‘जनता का जनादेश अदालत में सर्वोपरि होगा’
वहीं विपक्ष के आरोपों पर सीएम फडणवीस का कहना है कि नगर निगम चुनावों में महायुति उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत को विपक्षी दलों द्वारा अदालत में चुनौती दिए जाने पर भी जनता का जनादेश सर्वोपरि रहेगा. चंद्रपुर में एक रोड शो के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा ‘वे बेशक अदालत जा सकते हैं, लेकिन जनता की अदालत ने हमें चुना है. भले ही वे (विपक्षी दल) अदालत में जाएं, जनता का जनादेश अदालत में सर्वोपरि होगा’.


