भोपाल : मध्य प्रदेश में गांजा तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है. खतरनाक ड्रग्स की तस्करी और गांजे की तस्करी के लिए माफिया ने बाकायदा रूट बना रखे हैं. इनका नेटवर्क भी तगड़ा है. रोजाना ड्रग्स पकड़ा जाता है और (solid network of ganja supply) तस्कर भी पकड़े जाते हैं, इसके बाद भी इनका नेटवर्क जस का तस बना हुआ है. खास बात ये है कि इन दोनों प्रकार की तस्करी के लिए अलग रूट और अलग नेटवर्क हैं.
ओडिशा व उत्तराखंड से मध्य प्रदेश में गांजा सप्लाई
मध्य प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब गांजा तस्करी का मामला न पकड़ा जाता हो. वाहनों में भरकर कई क्विंटल गांजा जब्त किया जा रहा है. तस्करी भी फिल्म पुष्पा की तर्ज पर की जा रही है. वाहनों में गांजे को इस प्रकार छुपाया जाता है कि इसे पकड़ना काफी मुश्किल होता है. गांजा तस्करी के लिए ओडिशा से वाया छत्तीसगढ़ होकर मध्य प्रदेश में सप्लाई किया जा रहा है.
एमडीएम ड्रग्स की सप्लाई राजस्थान से
वहीं, एमडीएम जैसे जानलेवा ड्रग्स की तस्करी मध्य प्रदेश में राजस्थान से होती है. इसका रूट मध्य प्रदेश व राजस्थान के बॉर्डर पर मंदसौर, रतलाम व नीमच जिले से हैं. एमडीएम ड्रग्स जितने मामले पकड़े गए, उनमें (solid network of ganja supply) पूछताछ में ये बात निकलकर सामने आई कि राजस्थान से इसे यहां लाया जाता है. और आगे बढ़ाकर तस्कर इसे गुजरात तक सप्लाई करते हैं.

