सागर : राजनेताओं को फूल मालाओं और गुलदस्तों का काफी शौक होता है. उनके (when he was home minister) समर्थकों को नेताजी के स्वागत में ये ले जाना अनिवार्य होता है. जगह-जगह नेताओं के स्वागत के साथ उनके वाहन पर फूल मालाएं लाद दी जाती है, जिससे देखकर लोगों को दूर से ही पता चल जाता है कि कोई कद्दावर नेता गुजर रहा है, लेकिन तत्कालीन शिवराज सिंह सरकार के नंबर दो कहे जाने वाले पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह का मिजाज आजकल बदला हुआ नजर आ रहा है.
अपने स्वागत को लेकर किए गए इस फैसले पर पूर्व गृहमंत्री व बीजेपी विधायक भूपेन्द्र सिंह कहते हैं कि “हमने फैसला किया है कि अब कोई भी कार्यक्रम होगा, तो उसमें फूल मालाओं और गुलदस्तों का उपयोग नहीं होगा. जो हमारी भारतीय संस्कृति है कि चंदन का तिलक लगाकर स्वागत किया जाता है. उसके अनुरूप हम लोग स्वागत करेंगे, मालाएं हम सिर्फ भगवान को अर्पित करेंगे या हमारे यहां कोई मुख्यमंत्री, बडे़ नेता, साधु संत आते हैं, तो उनका स्वागत भले ही फूल मालाओं से किया जाएगा, लेकिन व्यक्तिगत मेरा किसी भी कार्यक्रम में फूल मालाओं से स्वागत नहीं होगा.
when he was home minister – मैंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जो पैसा आप फूल मालाओं और गुलदस्तों में खर्च करते हैं, तो उसके बदले में कोई भी सामग्री जो शिक्षा से संबंधित हो, जैसे कॉपी, किताब, पेसिंल और पैन दे सकते हैं या फिर कोई ऐसी सामग्री जो गरीबों के काम में आए, जैसे सर्दी के मौसम में कंबल दे सकते हैं या फिर जरूरत की कोई दूसरी चीज दे सकते हैं.

