हिंदू धर्म में विवाह और अन्य शुभ काम हमेशा शुभ मुहूर्त देखकर ही किए जाते हैं. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में जो काम किए जाते हैं, उन कामों पर देवताओं की कृपा रहती है. ग्रहों के भी (break on auspicious time of marriage) अनुकूल प्रभाव से वो काम सफल हो जाते हैं. शुभ मुहूर्त में किए कामों से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, लेकिन खरमास के दौरान सारे शुभ और मांगलिक काम रोक दिए जाते हैं.
break on auspicious time of marriage – खरमास को मलमास भी कहा जाता है. ये तब लगता है जब भगवान सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं. इस बार खरमास 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है, इसलिए इस अवधि में विवाह नहीं होंगे. इसके अलावा भी खरमास से पहले विवाह रोक दिए जाते हैं, दरअसल, 11 दिसंबर 2025 को शुक्र ग्रह अस्त हो चुके हैं.
शुक्र के अस्त होने की वजह से नहीं होते विवाह
शुक्र प्रेम, दांपत्य सुख और विवाह के कारक ग्रह माने जाते हैं. शुक्र के अस्त होने की वजह से विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं होते. इस तरह से 11 दिसंबर 2025 से ही विवाह रुक चुके हैं. आने वाले समय में भी विवाह के कोई शुभ मुहूर्त नहीं हैं. अब सवाल यह है कि विवाह पर यह रोक कब तक रहेगी. आखिर फिर से विवाह कब से शुरू होंगे?
साल 2026 में कब से शुरू होंगे विवाह?
खरमास 15 जनवरी 2025 को समाप्त हो जाएगा. खरमास के बाद आमतौर पर शुभ और मांगलिक काम शुरू कर दिए जाते हैं, लेकिन इस बार विवाह के लिए इंतजार थोड़ा और लंबा होने वाला है. शुक्र ग्रह 53 दिनों तक अस्त रहेंगे. शुक्र ग्रह का उदय 01 फरवरी 2026 को होगा. शुक्र के उदय होने के बाद ही विवाह और अन्य मांगलिक शुरू होते हैं, इसलिए विवाह के सीजन की शुरुआत फरवरी 2026 से होगी. फरवरी 2026 में विवाह के लिए कुल 12 शुभ मुहूर्त हैं. फरवरी के महीने में 05, 06, 08, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 तारीख को विवाह होंगे.

