ट्रैफिक कानूनों का उल्लंघन करने पर गाड़ियों के चालान काटे जाते हैं, लेकिन ज्यादातर मौकों पर गाड़ियों के मालिक जुर्माना नहीं भरते हैं. महाराष्ट्र की सरकार अब नई कवायद शुरू करने जा रही है जिसमें हर (strictness on traffic police) कोई गाड़ी का चालान नहीं काट सकेगा, साथ ही चालान काटने वाली अलग टीम होगी. यह टीम चालान कटने के 6 महीने के अंदर गाड़ी के मालिक से रिवकरी भी हासिल करेगी .
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कल बुधवार को विधान परिषद में बताया कि राज्य में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को बॉडी-वर्न कैमरे (BWC) दिए जाएंगे, और गोवा पुलिस की तरह ही सिर्फ ऐसे पुलिसकर्मी ही सड़क पर नियमों के उल्लंघन पर चालान जारी कर सकेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए BWC को बड़े शहरों से शुरू करके चरणों में लागू किया जाएगा. ट्रैफिक को लेकर नई पॉलिसी लाई जाएगी.
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फडणवीस ने प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुछ MLCs (सुनील शिंदे, शशिकांत शिंदे, सतेज पाटिल, सचिन अहिर, अनिल परब और भाई जगताप सिंह आदि) की ओर से उठाए गए सवाल का जवाब दिया. इन लोगों ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों द्वारा ई-चालान जारी करने के लिए प्राइवेट फोन इस्तेमाल करने पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी.
strictness on traffic police – चालान की जल्द से जल्द रिकवरी को लेकर नई व्यवस्था के बारे में सीएम फडणवीस ने कहा कि चालान जारी होने के 6 महीने के अंदर उनसे (जुर्माना) वसूलने के लिए एक सिस्टम तैयार किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा, “एक सीनियर अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम दुनिया भर में और अलग-अलग राज्यों में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से संबंधित तरीकों का अध्ययन करेगी. इसकी सिफारिशों के आधार पर, अगले 3 महीनों में एक पॉलिसी पेश की जाएगी.”


