बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है. इस बार उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के कई नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा (mass resignation of leaders) देकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरह से ये नेता पार्टी की आंतरिक स्थिति और परिवारवाद के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं.
mass resignation of leaders – बिहार विधानसभा चुनावों में उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाली आरएलएम ने एनडीए गठबंधन के हिस्से के रूप में छह सीटें मिली थी. इनमें से उन्होंने चार सीटों पर जीत दर्ज की. उनकी पत्नी स्नेहलता ने भी सासाराम से जीत दर्ज की. कयास लगाए जा रहे थे कि उनकी पत्नी एनडीए सरकार में मंत्री बन सकती हैं. लेकिन उपेंद्र कुशवाहा ने चारों विधायकों को दरकिनार करते हुए बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनवा दिया. इससे पार्टी के अंदर असंतोष पैदा हो गया.

