देश की राजधानी दिल्ली फिर दर्द में है. सोमवार शाम को लाल किले इलाके में हुए धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई. इस घटना के बाद सरकार एक्शन में है. गृह मंत्री अमित शाह खुद मौके पर पहुंचे और उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से बात की. एजेंसियां जांच में जुटी हैं. कड़ी से कड़ी को मिलाया जा रहा है. टेरर एंगल से (agencies engaged in investigation) भी जांच की जा रही है. सवाल उठता है कि अगर ये आतंकी हमला निकला तो क्या होगा.
agencies engaged in investigation – इस पूरे मामले पर सरकार सोच समझकर कदम उठा रही है. आतंकी हमला घोषित करने में जल्दबाजी नहीं की जा रही है. अभी शुरुआती जांच में एजेंसियां फरीदाबाद मॉड्यूल पर काम कर रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि तार फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं. वो फरीदाबाद जहां से सोमवार को हथियार और विस्फोटक मिले थे. इसके तार जम्मू-कश्मीर से भी जुड़ रहे हैं, क्योंकि जिस कार में धमाका हुआ उसका मालिक जम्मू कश्मीर के संबूरा का निकला है. उसका नाम आमिर राशिद मीर है. वह पेशे से प्लंबर है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है.
पाकिस्तान पर शक!
इस हमले में पाकिस्तान का भी हाथ निकलता है तो कोई हैरानी नहीं होगी, क्योंकि उसका इतिहास ही ऐसा रहा है. भारत में हुए कई हमले में उसका हाथ सामने आया है. सीमापार से वो साजिश रचता रहा है. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे नई जानकारियां सामने आएंगी. ऐसे में पाकिस्तान कांप भी रहा होगा, क्योंकि सबूत मिलने पर उसकी शामत आनी तय है.
आतंकी हमला निकला तो….
फिलहाल सरकार इसे धमाके को आतंकी हमला बोलने से बच रही है, क्योंकि अगर ये आतंकी हमला निकला और पाकिस्तान के सबूत मिले तो सरकार को फिर से ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. मई में पहलगाम हमले के बाद सरकार ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि एक्ट ऑफ टेरर को एक्ट ऑफ वॉर माना जाएगा.
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