भारत के 2 पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच फिर से जंग की स्थिति बन गई है. तुर्की के इंस्ताबुल में गुरुवार यानी आज सुलह को लेकर आखिरी बैठक प्रस्तावित है. दोनों के बीच (Taliban rejected 5 conditions) अगर समझौते को लेकर बात नहीं बनती है तो खुले युद्ध का ऐलान हो सकता है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बयान के जरिए इसकी घोषणा भी की है.
पाकिस्तान की 5 डिमांड
1. पाकिस्तान की सबसे बड़ी मांग तहरीक-ए-तालिबान को आतंकवादी संगठन घोषित करने की है. दुनिया का तीसरा सबसे खतरनाक आतंकी संगठन टीटीपी को यूएन ने भी आतंकी संगठन मान लिया है. पाक का कहना है कि टीटीपी के लड़ाकों के साथ अफगानिस्तान आतंकियों जैसा व्यवहार करे. उसके लड़ाकों को या तो पकड़ कर जेल में रखे या उसे स्ट्राइक के जरिए मार गिराए.
2. तहरीक-ए-तालिबान के ठिकानों पर पाकिस्तान को स्ट्राइक की अनुमति दी जाए. पाकिस्तान अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक के जरिए टीटीपी के ठिकानों को ध्वस्त करना चाहती है. इसके लिए एयर ऑपरेशन प्लान किया गया है. इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान ने काबुल में कुछ ठिकानों पर स्ट्राइक किया भी था.
3. तालिबान सरकार की तरफ से डूरंड लाइन को अफगानिस्तान और पाकिस्तान की आधिकारिक सीमा के तौर पर मान्यता दी जाए. तालिबान का कहना है कि डूरंड लाइन आधिकारिक सीमा नहीं है. यह एक काल्पनिक सीमा है और इसे हम किसी भी सूरत में मान्यता नहीं देंगे.
4. पाकिस्तान ने तालिबान पर छद्म युद्ध का सहारा लेकर काम करने का आरोप लगाया है. पाकिस्तान का कहना है कि उसे उन हथियारों को जब्त करने चाहिए, जो टीटीपी या अन्य आतंकवादियों के पास चला गया है. पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिका ने जो हथियार छोड़े थे, उसे तालिबान की सरकार ने आतंकियों को देकर छद्म युद्ध शुरू करवाया है.
5. पाकिस्तान किसी भी कीमत पर नहीं चाहता है कि तालिबान (Taliban rejected 5 conditions) की सरकार स्वतंत्र विदेश नीति स्थापित करे. खासकर उन देशों के साथ, जिसे पाकिस्तान दुश्मन मानता है.


