देहरादून : उत्तराखंड चारधाम यात्रा शुरू होने के 19 दिन में 62 तीर्थयात्रियों (62 Pilgrims Dead So Far)ने दम तोड़ दिया है। इसमें सबसे ज्यादा 30 तीर्थयात्रियों की मौत केदारनाथ में हुई है। अधिकतर तीर्थयात्रियों की मौत हार्टअटैक और पल्मोनरी एडिमा (फेफड़ों के वायु कोशिकाओं में तरल पदार्थ की मात्रा अधिक होने) के कारण हुई है।
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62 Pilgrims Dead So Far – चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री यमुनोत्री उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित है, जहां पर ठंड के साथ ऑक्सीजन की कमी से सांस से संबंधित दिक्कतें आती हैं। 10 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा में 19 दिनों में हृदय गति रुकने, पल्मोनरी एडिमा, हाईपोथर्मिया (शरीर का तापमान कम होने पर हृदय गति रुक जाती है) और सिर पर गंभीर चोट से अब तक 62 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है।
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राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून की ओर से जारी रिपाेर्ट के अनुसार अब 12,27,545 तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर आ चुके हैं। इसमें से 62 तीर्थयात्रियों की मौत विभिन्न कारणों से हो चुकी है। ज्यादातर की मौत हृदय गति रुकने से हुई है। चार धाम यात्रा को लेकर रुद्रप्रयाग के प्रभारी सचिव और स्वास्थ्य सचिव डॉ आर. राजेश ने बताया कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की नियमित स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य जांच में जिन श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य ठीक नहीं है उन्हें डॉक्टर यात्रा न करने की सलाह दे रहे हैं। इसके बाद भी कोई यात्रा पर जा रहा है तो उनसे लिखित में फार्म भरवाने की कार्रवाई की जा रही है।

