कांकेर (छत्तीसगढ़): जिले के गोविंदपुर और आसपास के रिहायशी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जंगली भालुओं की आवाजाही तेजी से बढ़ गई है। जंगल से भटककर भोजन और पानी की तलाश में भालू सीधे लोगों के घरों और बस्तियों तक पहुंच रहे हैं। रिहायशी क्षेत्रों में लगातार हो रही भालुओं की मौजूदगी से स्थानीय नागरिकों में भारी भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
🍳 आधी रात किचन में घुसे 2 भालू, बर्तन गिरने की आवाज से खुली परिवार की नींद
गुरुवार देर रात की घटना का विवरण:
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घर के अंदर प्रवेश: गोविंदपुर इलाके में गुरुवार देर रात 2 भालू सीधे एक मकान के भीतर घुस गए और भोजन की तलाश करते हुए किचन तक पहुंच गए।
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बर्तनों की आवाज से जागे लोग: किचन के स्लैब से बर्तन गिरने की जोरदार आवाज सुनकर घर में सो रहे सदस्यों की नींद खुल गई।
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कमरे में बंद होकर बचाई जान: किचन में भालुओं को देखते ही परिजनों के होश उड़ गए। सूझबूझ का परिचय देते हुए परिवार के सभी सदस्यों ने तुरंत खुद को एक कमरे में सुरक्षित बंद कर लिया।
📹 रामेश्वरम कॉलोनी व सरंगपाल में घूमे भालू, ग्रामीणों ने बनाया वीडियो
कॉलोनी में भालुओं की हलचल और पुराना खौफ:
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रात 2 बजे की घटना: रामेश्वरम कॉलोनी, सरंगपाल के निवासियों ने बताया कि भालू रात करीब 2 बजे बस्ती की गलियों में बेखौफ घूम रहे थे, जिसका स्थानीय लोगों ने वीडियो भी बना लिया।
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बाल-बाल बचे लोग: गनीमत रही कि उस समय रास्तों पर आवाजाही नहीं थी, जिससे आमना-सामना होने से बड़ा हादसा टल गया।
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हमले का पुराना डर: ग्रामीणों ने याद दिलाया कि बीते दिनों खेत में काम करने के दौरान भालू के हमले में एक भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिससे लोगों में खौफ और गहरा गया है।
🚨 ‘रात में गश्त जारी, सूचना मिलते ही पहुंच रही टीम’: वन विभाग
वन परिक्षेत्राधिकारी (रेंजर) अमितेश सिंह परिहार का आधिकारिक बयान:
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लगातार निगरानी: वन विभाग की विशेष टीम शहर के विभिन्न वार्डों और सीमावर्ती गांवों में रात के समय लगातार सघन गश्त कर रही है।
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त्वरित कार्रवाई: जहां भी वन्यजीवों के प्रवेश की सूचना प्राप्त होती है, वहां वन अमला तुरंत पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करता है।
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प्राथमिकता: विभाग की मुख्य प्राथमिकता भालुओं को सुरक्षित तरीके से रिहायशी बस्तियों से दूर घने जंगलों की ओर खदेड़ना है।
🪵 खिड़की की ग्रिल ने बचाई जान, ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
मौके पर राहत कार्य और स्थानीय लोगों की मांगें:
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हमले का प्रयास विफल: स्थानीय लोगों के अनुसार किचन में घुसे भालुओं ने कमरे की खिड़की पर झपट्टा मारकर अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन मजबूत लोहे की ग्रिल होने के कारण वे सफल नहीं हो सके।
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जंगल की ओर खदेड़ा: सूचना मिलते ही वन विभाग का दस्ता मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों भालुओं को रिहायशी इलाके से सुरक्षित जंगल की ओर भगाया।
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स्थायी समाधान की मांग: क्षेत्रवासियों ने प्रशासन व वन विभाग से मांग की है कि रोज-रोज के इस जानलेवा खतरे से निजात दिलाने के लिए सोलर फेंसिंग या ठोस स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं।


