बस्तर (छत्तीसगढ़): जगदलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पारिवारिक विवाद में भाभी की हत्या और बड़े भाई पर जानलेवा हमला करने के गंभीर मामले में दोषी को सख्त सजा सुनाई है।

पत्नी के बार-बार मायके जाने से नाराज होकर नीलू मंडावी नाम के व्यक्ति ने अपनी भाभी पर प्राणघातक हमला कर उनकी जान ले ली थी और बीच-बचाव करने आए अपने बड़े भाई को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए दोषी नीलू मंडावी को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास (उम्रकैद) और बड़े भाई पर जानलेवा हमले के मामले में 7 साल के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है।

🩸 डेढ़ साल पहले रॉड और हथौड़े से किया था खूनी हमला

वारदात की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम:

  • घटनास्थल: यह सनसनीखेज वारदात परपा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़े बोदल की है।

  • हमले की वजह: आरोपी नीलू मंडावी का मानना था कि उसकी भाभी के उकसावे के कारण ही उसकी पत्नी बार-बार मायके चली जाती है। इसी रंजिश के चलते करीब डेढ़ साल पहले रात 8 बजे वह लोहे की रॉड और हथौड़ा लेकर घर पहुंचा।

  • जानलेवा हमला: आरोपी ने अपनी भाभी जयमनी मंडावी पर रॉड और हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

  • भाई पर भी हमला: जब बड़ा भाई बोंडूक मंडावी बीच-बचाव करने पहुंचा, तो आरोपी ने उसके सिर और चेहरे पर भी गंभीर वार किए। इलाज के दौरान भाभी जयमनी की मौत हो गई थी, जबकि भाई गंभीर रूप से घायल हो गया था।

🏛️ अदालत में डेढ़ साल चला ट्रायल, साक्ष्यों के आधार पर सुनाई गई सजा

न्यायिक प्रक्रिया और अदालत का फैसला:

  • चार्जशीट दाखिल: पुलिस जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 109 (हत्या के प्रयास) के तहत अदालत में चालान पेश किया।

  • गवाहों की गवाही: शासकीय अधिवक्ता श्रीनिवास रथ के अनुसार, अदालत में करीब डेढ़ साल तक चले ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान और पेश किए गए वैज्ञानिक व फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।

  • अंतिम निर्णय: 20 अगस्त को जगदलपुर जिला अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए दोषी नीलू मंडावी को हत्या के मामले में उम्रकैद और भाई पर हमले के मामले में 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा मुकर्रर की।

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