रायसेन : जिले के औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप में आयुष्मान भारत योजना के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। मंडीदीप स्थित सार्थक अस्पताल पर आरोप लगा है कि अस्पताल प्रबंधन ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य शिविर (हेल्थ कैंप) का आयोजन कर 17 बुजुर्गों को बेहतर उपचार का (fake health camp in Ayushman Bharat Scheme) झांसा दिया और उन्हें अस्पताल लाकर सात से आठ दिनों तक भर्ती रखा।
fake health camp in Ayushman Bharat Scheme – बुजुर्गों का आरोप है कि उन्हें समुचित इलाज नहीं दिया गया, लेकिन उनके आयुष्मान कार्ड से भारी-भरकम राशि का क्लेम पास करा लिया गया। शिकायत सामने आने के उपरांत जिला प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू करा दी है।
इलाज के नाम पर सिर्फ ड्रिप लगाने का आरोप
पीड़ित बुजुर्गों का कहना है कि अस्पताल में कई दिनों तक भर्ती रखने के बावजूद उनकी मुख्य बीमारियों का कोई ठोस उपचार नहीं किया गया। केवल एक-दो बार ड्रिप चढ़ाकर औपचारिकता की गई। कई बुजुर्गों ने जब स्थिति में सुधार न होने पर घर जाने की इच्छा जताई, तो उन्हें डिस्चार्ज करने से मना कर दिया गया और अस्पताल परिसर में ही रोके रखा गया।
आयुष्मान कार्ड से लाखों का क्लेम
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद जब मरीजों को हकीकत समझ आई, तो उन्होंने प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि उनके आयुष्मान कार्ड से प्रति मरीज मोटी रकम का क्लेम किया गया। मरीजों को इस बात की कोई अधिकृत जानकारी या रसीद नहीं दी गई कि उनके कार्ड से किस बीमारी के पैकेज के तहत कितनी राशि क्लेम की गई है।


