सोमवार को द्रौपदी मुर्मू ने भारत के 15वें राष्ट्रपति पद (15th President Of India) की शपथ ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एनवी रमना ने निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। मुर्मू देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। साथ ही वह सर्वोच्च संवैधानिक पद संभालने वाली पहली आदिवासी महिला और स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति हैं।
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शपथ ग्रहण के दौरान मुर्मू ने कहा मेरा सौभाग्य है कि मुझे स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में सेवा करने का अवसर मिला है। मैं स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली पहली राष्ट्रपति हूं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “जोहार! नमस्कार! मैं भारत के समस्त नागरिकों की आशा-आकांक्षा और अधिकारों की प्रतीक इस पवित्र संसद से सभी देशवासियों का पूरी विनम्रता से अभिनंदन करती हूं। आपकी आत्मीयता, विश्वास और आपका सहयोग, मेरे लिए इस नए दायित्व को निभाने में मेरी बहुत बड़ी ताकत होंगे।
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15th President Of India – राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर निर्वाचित करने के लिए मैं सभी सांसदों और सभी विधानसभा सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं। आपका मत देश के करोड़ों नागरिकों के विश्वास की अभिव्यक्ति है।मैं ओडिशा के छोटे से आदिवासी गांव से आती हूं और वहां प्राथमिक शिक्षा हासिल करना भी कठिन है। मैं इस स्तर तक शिक्षा पाने वाली पहली व्यक्ति हूं। राष्ट्रपति के रूप में मेरा चुना जाना केवल मेरी उपलब्धि नहीं है, बल्कि देश के सभी लोगों की उपलब्धि है, जो वे इस स्तर तक पहुंचने का सपना देख सकते हैं।

