दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को ISBT, कश्मीरी गेट के सामने स्थित वासुदेव घाट और हनुमान मंदिर के सामने स्थित यमुना बाजार घाट का निरीक्षण किया. इस दौरान घाटों की स्वच्छता व्यवस्था, आधारभूत ढांचे के विकास तथा यमुना पुनर्जीवन से जुड़े चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की (Yamuna mission 2026) गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए. दोनों स्थलों का निरीक्षण करने के बाद LG और CM ने वासुदेव घाट, जिसे दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा विकसित किया गया है और यमुना बाजार घाट के बीच के स्पष्ट अंतर को रेखांकित किया.

उन्होंने बताया कि वासुदेव घाट, असिता, बनसेरा और यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क जैसे विकसित घाट अब पर्यावरण-अनुकूल, सतत और हरित सार्वजनिक स्थलों के रूप में उभर चुके हैं। वहीं, कई अन्य घाटों को भी डीडीए द्वारा अन्य विभागों/एजेंसियों के सहयोग से इसी प्रकार विकसित किए जाने की आवश्यकता है. निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने यमुना के किनारे विकसित किए जा रहे घाटों, हरित क्षेत्रों, वॉकिंग ट्रेल्स, जैव-विविधता क्षेत्रों तथा सफाई कार्यों में लगी आधुनिक मशीनरी का अवलोकन किया.

Yamuna mission 2026 – उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने बताया कि यह निरीक्षण पिछले एक महीने के दौरान नागरिकों के साथ हुए ‘औचक संवाद’ का परिणाम है. दिल्लीवासियों ने यमुना प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मानसून में बाढ़ और गर्मियों में जल संकट जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था. उपराज्यपाल ने कहा कि हमारा शासन जन-केंद्रित है. नागरिकों के फीडबैक के आधार पर ही हम पल्ला से कालिंदी कुंज तक के संपूर्ण बाढ़ क्षेत्र के समयबद्ध पुनर्जीवन की दिशा में बढ़ रहे हैं.

 

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