नूरपुरबेदी (पंजाब): नूरपुरबेदी-रूपनगर मुख्य मार्ग पर स्थित गांव आजमपुर के समीप पतंग उड़ाने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। पतंग उड़ाते समय 12 वर्षीय एक बच्चा बिजली की तारों से फैले करंट की चपेट में आ गया, जिससे वह बुरी तरह झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने बच्चे को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पी.जी.आई. (PGI) चंडीगढ़ रेफर कर दिया।

🪁 बिजली की तारों में फंसी पतंग की डोर, छुड़ाने के प्रयास में लगा जोरदार करंट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नूरपुरबेदी क्षेत्र में रहने वाले एक प्रवासी मजदूर का पुत्र सत्तियम कुमार (उम्र लगभग 12 वर्ष), जो कि छठी कक्षा का छात्र है, शहर से कुछ दूरी पर स्थित गांव आजमपुर के पास पतंग उड़ा रहा था।

पतंग उड़ाते समय अचानक डोर सड़क के किनारे से गुजर रही बिजली की मुख्य तारों में जाकर उलझ गई। सत्तियम जब तारों में फंसी डोर और पतंग को निकालने का प्रयास करने लगा, तभी अचानक बिजली का तेज करंट डोर के जरिए उसके शरीर में उतर गया।

🏥 करंट लगने से मौके पर बेहोश हुआ मासूम, बाहों और पीठ पर गंभीर घाव

आस-पास मौजूद दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करंट का तीव्र झटका लगते ही बच्चा जमीन पर गिरकर अचेत (बेहोश) हो गया।

स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया। बच्चे का उपचार करने वाले डॉक्टर गुरिंदर सिंह ने बताया कि बिजली के झटके के कारण बच्चे की दोनों बाहों, पीठ और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों पर गंभीर बर्न इंजरी (झुलसने के निशान) आई हैं।

🩺 PGI चंडीगढ़ में डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी, हालत स्थिर

निजी अस्पताल में जरूरी प्राथमिक उपचार देने के उपरांत माता-पिता की सहमति और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को उच्च स्वास्थ्य संस्थान के लिए रेफर किया गया।

परिजन तत्काल उसे एम्बुलेंस के माध्यम से पी.जी.आई. चंडीगढ़ ले गए। हालांकि करंट लगने के तकनीकी व वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं बच्चे की माता ने बताया कि सत्तियम की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है और पी.जी.आई. चंडीगढ़ के विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका सघन उपचार चल रहा है।

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