वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार, जीएसटी एडवाइजरी बोर्ड और सीएजी स्टेट ऑडिट एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य डॉ. पवन जायसवाल ने कहा है कि उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (यूपीआईटीएस) वह सशक्त मंच है, जहां योगी सरकार के पिछले वर्षों के विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड दुनिया के सामने लाइव दिखाई देता है. यह इस बात का प्रमाण है कि ‘ब्रांड योगी’ केवल राजनीतिक भाषणों या प्रशासनिक सख्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुशासन, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), स्थानीय कला और संस्कृति के सम्मान तथा वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से बढ़ता हुआ एक मजबूत व परिणाम-मुखी आर्थिक मॉडल है.
🌍 2. प्रशासनिक सुस्ती से लेकर ग्लोबल इन्वेस्टर्स के ‘ड्रीम डेस्टिनेशन’ तक का सफर
डॉ. पवन जायसवाल ने बताया कि महज एक दशक पहले तक जिस राज्य की पहचान प्रशासनिक सुस्ती, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और औद्योगिक पिछड़ेपन के रूप में होती थी, वही उत्तर प्रदेश आज वैश्विक निवेशकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए पहली पसंद यानी ‘ड्रीम डेस्टिनेशन’ बन चुका है. इस अभूतपूर्व कायाकल्प का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच, सुदृढ़ प्रशासनिक इच्छाशक्ति और कारोबार व जन-कल्याण के अनुकूल नीतियों के बेहतरीन समन्वय को जाता है. ‘निवेश मित्र’ और ‘निवेश सारथी’ जैसे पारदर्शी सिंगल विंडो सिस्टम ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है.
🤝 3. मजबूत अर्थव्यवस्था और जन-कल्याण का अनूठा संगम, ओडीओपी से मिल रहा नया रोजगार
डॉ. जायसवाल ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पारंपरिक धारणा को पूरी तरह से खारिज कर दिया है कि कॉरपोरेट निवेश से जन-कल्याणकारी योजनाएं पीछे छूट जाती हैं; बल्कि एक मजबूत अर्थव्यवस्था ही सुदृढ़ सामाजिक विकास की नींव बनती है. ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के तहत भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के कांच, वाराणसी की सिल्क और मुरादाबाद के पीतल जैसे पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक बाजार मिल रहा है. इसके साथ ही, पारदर्शी सुशासन और विरासत के साथ विकास के इस मॉडल ने यूपी को वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित कर दिया है.


