Pilibhit News: खबर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से है. जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में एक चपरासी द्वारा किए गए भारी घोटाले ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है, करीब 5.50 करोड़ रुपये की सरकारी राशि हड़पने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी इल्हाम उर रहमान शम्सी की तीनों पत्नियों, साली, सास और दो अन्य महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है. शुक्रवार शाम को पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात महिलाओं को थाना कोतवाली से गिरफ्तार किया. इनमें से एक पत्नी अर्शी खातून को पहले ही जेल भेजा जा चुका था.
जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज, बीसलपुर में तैनात चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी DIOS कार्यालय से अटैच था और वेतन बिल तथा टोकन जनरेशन का काम देखता था. आरोप है कि उसने 2024 से फरवरी 2026 तक कूटरचित तरीके से फर्जी बेनिफिशियरी आईडी तैयार कर 98 ट्रांजेक्शन के जरिए करीब एक करोड़ रुपये सीधे अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर दिए.जांच में यह राशि और बढ़कर 5.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो विभिन्न रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में भेजी गई. पुलिस ने 53 संदिग्ध खातों में कुल 5.50 करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए हैं.
खातों में भेजी गई रकम
एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि घोटाले की रकम मुख्य रूप से निम्न खातों में ट्रांसफर की गई.
- लुबना (दूसरी पत्नी): 2.37 करोड़ रुपये
- आजरा खान (तीसरी पत्नी): 2.12 करोड़ रुपये
- फातिमा (साली): 1.03 करोड़ रुपये
- आफिया: 80 लाख से अधिक
- नाहिद (सास): 95 लाख रुपये
- परवीन खातून: 48 लाख रुपये
- आशकारा परवीन: 38 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार, घोटाले की कुछ रकम रियल एस्टेट में भी लगाई गई.
गिरफ्तार महिलाएं
- लुबना (संभल)
- आजरा खान (खुर्जा)
- फातिमा नवी (लुबना की बहन)
- नाहिद (आजरा की मां)
- परवीन खातून (बिजनौर)
- आशकारा आफिया खान (गाजियाबाद)
- अर्शी खातून (पहले गिरफ्तार)
अधिकारी-कर्मचारी बच गए?
घोटाले में DIOS कार्यालय, वित्त एवं लेखा अधिकारी तथा कोषागार के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत साफ दिख रही है. शासन स्तर पर टीम गठित की गई थी, लेकिन अब तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है.
